नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

विधानसभा चुनावों की वोटर लिस्ट को लेकर बीजेपी अब निकाय चुनावों में उतरी है। सरकार की नज़र जिला परिषद महानगर पालिका और नगर परिषद नगर पंचायतों की सालाना 4 लाख करोड़ रुपए के बजट वाली तिज़ोरी पर है। जलगांव जिले में महायुति के सभी नेताओं ने अपनी बीवियों को लोक नियुक्त नगराध्यक्ष की सीट के लिए मैदान में उतारकर कांग्रेस के परिवारवाद को शर्मिंदा कर दिया है। मुक्ताई नगर में शिवसेना एकनाथ शिंदे के विधायक चंद्रकांत पाटिल की बेटी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं।
जामनेर में मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन चौथी बार मेयर के लिए चुनाव लड़ रही हैं। चुनाव में विपक्ष के लिए कहीं भी समतल ज़मीन नहीं है। बीजेपी के धन , जन और संसाधन का मुकाबला करने के लिए विपक्ष के पास भारत के संविधान द्वारा दिए गए चुनाव लड़ने के अधिकार के अलावा कुछ भी नहीं है। बहुजन विचारों के बुते जनता में टिकी एन सी पी शरदचंद्र पवार को नेता दिलीप खोड़पे ने नैतिक ताकत दे कर चुनाव मैदान में खड़ा कर दिया है। मेयर पद के लिए कांग्रेस से रूपाली पारस ललवानी , NCP(SP) से प्रतिभा संतोष झालटे इन दोनों में से एक MVA का प्रत्याशी होगा।
गोदी मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाभार्थी समूहों द्वारा फिक्स नगर सेवक नाम का प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है। गिरीश महाजन के दस साल मंत्री रहते हुए आज भी जामनेर के विकास का भविष्य बीजेपी के भीतर हि दिखाया जा रहा है। मेयर सीट पर बीजेपी के लिए चुनाव कुछ कुछ एकतरफा जैसा लग तो रहा है पर है नहीं। कुछ वार्डों में अधिकतम सीटें निकालने की विपक्ष की चाह मेहनत के पश्चात रंग ला सकती है।
स्क्रुटनी के दौरान NCP(SP) की ग़ज़ब रणनीति के कारण वार्ड नंबर 12 में उज्ज्वला दीपक तायडे निर्विरोध चुनी जाने से बीजेपी का खाता खुल गया है। महाविकास आघाड़ी में NCP अजित पवार की एंट्री की खबरों ने आघाड़ी की चिंता बढ़ा दी है। नामांकन वापसी के बाद पूरा पिक्चर साफ़ होगा। महाराष्ट्र में कुल 250 निकायों के लिए 2 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे दूसरे चरण में जिला परिषद पंचायत समिति के चुनाव होंगे।

