पीयूष मिश्रा, सिवनी (मप्र), NIT;
अध्यापक आलोक जैन ने सारी मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए अध्यापक ग्रुप में अश्लील फोटो पोस्ट कर दी जबकि इस ग्रुप में विधायक, बड़े बड़े अधिकारी, पउत्रकार व महिलाएं जुडे हुए हैं।
अपने आप को जैन समाज का शास्त्री कहने वाले, अपने गलत कार्यों से चर्चित व कई वार दंडित अध्यापक आलोक जैन का नया कारनामा सामने आया है। मकर संक्रांति के पुनीत अवसर पर आलोक जैन द्वारा अपनी मर्यादा को लांघते हुए, विधायक, कई बड़े अधिकारियों, पत्रकारों, महिलाओं व वरिष्ट अध्यापक साथियों को मकर संक्रांति के लड्डू के रुप में महिलाओं के अंग विशेष को भेज कर महिलाओ को अपमानित करने का घृणित कार्य किया है। इस अध्यापक द्वारा ऐसी हरक़ते निरंतर की जा रही है, जिसकी शिकायत 181,CM help line, कलेक्टर जन सुनवाई, जनपद जिला पंचायत आदि सभी जगह की गई है। इस मामले की जांच भी की गई है और यह अध्यापक दोषी साबित हुआ है। आरोप है कि इसे दंडित करने के बदले घूसखोर सरकारी व्यवस्था तथा अधिकारियों की साठ गांठ के चलते इसे पुरस्कृत कर अध्यापक बना दिया गया और दबाव बढ़ते देख नाम मात्र की कार्यवाही कर एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में अटैच कर दिया गया। लोगों का कहना है कि शिक्षकीय मर्यादाओं को तार तार कर रहे ऐसे विवादित अध्यापक को तत्काल सेवा से हटा देना चाहिये,क्योंकि ये जहां भी कार्य करेगा वहां अश्लीलता फैलाएगा।
अब देखना यह है की वरिष्ट अधिकारि इस मामले में कोई कार्यवाही करते हैं या फिर लेन देन कर मामले को दबा देते हैं। नौनिहाल बच्चों को अच्छी व नैतिक शिक्षा देने का दायित्व सरकार ने शिक्षकों को दिया है और इन्हें राष्ट निर्माता का नाम दिया गया है। इनसे सयमित व शुचिता भरे व्यवहार की आशा की जाती है। यदि ये ही सार्वजनिक मंचों में अश्लील व्यवहार करेंगे तो समाज में क्या असर होगा? कलेक्टर महोदय, सीईओ जिला पंचायत, एसी आदिवासी विभाग सिवनी से माँग की जाती है की ऐसी अश्लीलता फैलाकर,महिलाओं को कलंकित करने वाले अध्यापक आलोक जैन पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही करें, जिससे प्रशासन की ईमानदार छवि समाज में बन सके।
