आइसा का 26वां इकाई सम्मेलन सम्पन्न, सोनाली बनीं अध्यक्ष और भानु बने सचिव | New India Times

अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

आइसा का 26वां इकाई सम्मेलन सम्पन्न, सोनाली बनीं अध्यक्ष और भानु बने सचिव | New India Times

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) इलाहाबाद इकाई का 26वां इकाई सम्मेलन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में 85 सदस्यों की परिषद चुनी गई, जिसने कामरेड सोनाली को अध्यक्ष तथा कामरेड भानु को सचिव के रूप में चुना। चुनी गई परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर को लोकतांत्रिक बनाने, फीस वृद्धि वापस लेने, छात्रसंघ बहाली और सांप्रदायिकता तथा बुलडोज़र राज के खिलाफ लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।

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सम्मेलन के खुले सत्र में मुख्य वक्ता आलोचक और कवि डॉ. मृत्युंजय ने कहा कि देश में हिंसक संस्कृति का निर्माण किया जा रहा है। झूठ और भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है ताकि देश में हो रही लूट के खिलाफ एकजुटता न बन सके। उन्होंने कहा कि छात्र-युवा इस लड़ाई को लड़कर अपने अधिकार और बेहतर समाज का सपना साकार करेंगे।

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आइसा दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई की सचिव और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद की उम्मीदवार कामरेड अंजली ने कहा कि आइसा का निर्माण सांप्रदायिक नफरत और नवउदारवादी नीतियों के खिलाफ हुआ है। संगठन मंडल आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन, तथा समाजवादी और प्रगतिशील मूल्यों की स्थापना के लिए संघर्षरत है।

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आरवाईए के सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि बेरोज़गारी ने युवाओं को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया है, जिसकी जिम्मेदार मौजूदा सरकार और उसकी नीतियां हैं। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ मजबूत छात्र आंदोलन खड़ा करना ही एकमात्र रास्ता है। एक्टू के राष्ट्रीय सचिव अनिल वर्मा ने कहा कि सरकार की निजीकरण (कॉरपोरेटाइजेशन) की नीतियों ने सरकारी नौकरियों को खत्म कर दिया है। स्थाई रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है, और यह संकट तब तक बना रहेगा जब तक छात्र-युवा एकजुट होकर इस सरकार को उखाड़ नहीं फेंकते।

आइसा प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि मौजूदा दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों का ह्रास, और सामंती, लैंगिक, सांप्रदायिक तथा जातिवादी हमलों में वृद्धि हो रही है। इसके खिलाफ एकजुट होकर मजबूत लड़ाई लड़ने की जरूरत है।
इसके साथ ही परिषद ने उपाध्यक्ष पद पर सौम्या, राकेश, धीरज, सुजीत और शिवांशु को, तथा सहसचिव पद पर मानवेंद्र, वंदना, आर्यन, अमित, मनोज, अनुराग और शिवरतन को चुना।

सम्मेलन की शुरुआत कामरेड विवेक के गीतों से हुई और समापन कामरेड महुआ के गीतों से किया गया। इसका संचालन कामरेड शशांक ने किया। सम्मेलन में सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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