गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के शिपिंग, विमानन एवं पर्यटन प्रभाग द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी अभियान “मेरा देश मेरी शान” के अंतर्गत ग्वालियर शहर में विविध स्थलों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम क्रमशः-
1. प्रभु उपहार भवन, माधौगंज
2. के.एस. नर्सिंग कॉलेज
3. वसुंधरा राजे होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय
4. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ग्रुप सेंटर, पनिहार
में संपन्न हुए।
इन सभी कार्यक्रमों में मुख्य वक्ता के रूप में पंजाब से ब्रह्माकुमारी शैली दीदी, दिल्ली से ब्रह्माकुमार पीयूष भाई, ग्वालियर से बीके ज्योति बहन एवं बीके प्रहलाद भाई उपस्थित रहे।अतिथि एवं सहयोगी संस्थान
के.एस. नर्सिंग कॉलेज में चेयरमैन डॉ. अशोक सिंह तोमर, प्रिंसिपल, फैकल्टी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। वसुंधरा राजे कॉलेज में प्रिंसिपल डॉ. दिनेश खुडासिया, वाइस प्रिंसिपल डॉ. श्रीराम सविता, डॉ. डी.एस. परिहार, डॉ. अमोद गुप्ता, डॉ. संजय ओझा, फैकल्टी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में डीआईजी राजकुमार निगम के मार्गदर्शन में आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें श्रीमती सुनीता निगम, असिस्टेंट कमांडेंट हरीश शर्मा सहित अनेक जवान एवं उनके परिजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के शुभारंभ में प्रभु उपहार भवन, माधौगंज में सभी अभियान यात्रियों का स्वागत बीके ज्योति बहन ने किया।

अतिथि एवं सहयोगी संस्थान
के.एस. नर्सिंग कॉलेज में चेयरमैन डॉ. अशोक सिंह तोमर, प्रिंसिपल, फैकल्टी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। वसुंधरा राजे कॉलेज में प्रिंसिपल डॉ. दिनेश खुडासिया, वाइस प्रिंसिपल डॉ. श्रीराम सविता, डॉ. डी.एस. परिहार, डॉ. अमोद गुप्ता, डॉ. संजय ओझा, फैकल्टी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में डीआईजी राजकुमार निगम के मार्गदर्शन में आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें श्रीमती सुनीता निगम, असिस्टेंट कमांडेंट हरीश शर्मा सहित अनेक जवान एवं उनके परिजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के शुभारंभ में प्रभु उपहार भवन, माधौगंज में सभी अभियान यात्रियों का स्वागत बीके ज्योति बहन ने किया।

अभियान का उद्देश्य
अभियान की जानकारी देते हुए बीके प्रहलाद भाई ने कहा:
> “यह अभियान ‘मेरा देश मेरी शान’ थीम के अंतर्गत स्वर्णिम भारत के निर्माण में मूल्यों की आवश्यकता विषय पर चलाया जा रहा है। भारत की प्राचीन संस्कृति, हमारे पुरातन मूल्य और धरोहर हमारे सम्मान के पात्र हैं। हमें उन छोटी-छोटी बातों को अपनाना चाहिए जो हमारे जीवन में बड़ा परिवर्तन लाती हैं। जब हर युवा के मन में देशभक्ति और मूल्यों का भाव जागेगा, तभी ‘विकसित भारत, विश्वगुरु भारत’ का स्वप्न साकार होगा।”

मुख्य वक्ता बीके शैली दीदी का प्रेरक संदेश
बीके शैली दीदी (पंजाब) ने कहा:
> “हम सभी अपने देश की महानता का गायन करते हैं, विशेष अवसरों पर तिरंगा लहराते हैं और सम्मान प्रकट करते हैं, किंतु हमें अपने कर्तव्यों को भी याद रखना चाहिए।
कोई देश केवल योजनाओं या बाहरी विकास से महान नहीं बनता, बल्कि उसके नागरिकों के महान चरित्र और मूल्यनिष्ठ जीवन से बनता है। इतिहास उन्हीं को याद रखता है जो केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए जीते हैं। आओ हम अपने जीवन को मूल्यों से सजाएँ, बुराइयों को दूर करें और सद्गुणों को अपनाएँ- जब हम बदलेंगे, देश बदलेगा।”
बीके पीयूष भाई (दिल्ली) के विचार
बीके पीयूष भाई ने कहा:
> “हमें अपनी समृद्ध संस्कृति और अमूल्य धरोहर के प्रति गर्व और सम्मान रखना चाहिए। यह अभियान केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि एक जीवन दृष्टि है, जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और याद दिलाता है कि भारत की आत्मा उसके मूल्यों में बसती है। हमारे प्रोजेक्ट्स-‘नमस्ते वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘मेरी संस्कृति, मेरी पहचान’- भारतीय जीवन दर्शन और संस्कारों के पुनर्जागरण का संदेश समाज तक पहुँचा रहे हैं। आधुनिक बनें, पर अपनी संस्कृति, परंपरा और मातृभूमि के प्रति गर्व और सम्मान बनाए रखें।
बीके ज्योति बहन का संदेश
बीके ज्योति बहन ने कहा: “मूल्य के बिना जीवन नीरस है। मानव जीवन परमात्मा की सौगात है, इसे तनाव और बुराइयों में व्यतीत नहीं करना चाहिए। मेडिटेशन जीवनशैली में सुधार लाता है और मन को शांति देता है। ‘परमात्मा से बनाएँ कनेक्शन तो मिटेंगे टेंशन, परमात्मा से बनाएँ रिलेशन तो मिलते रहेंगे नए सजेशन’-यही है सच्चा राजयोग मेडिटेशन।”
उपस्थित भाई-बहनें
कार्यक्रम में बीके रोशनी, बीके रिया, बीके प्रसाद, बीके सुरभि, बीके पवन सहित अनेक भाई-बहनें उपस्थित रहे।

