छूटे हुए किसान जल्द से जल्द करा लें अपना फार्मर रजिस्ट्री- उप जिलाधिकारी | New India Times

अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल डेटाबेस है। जिसे सरकार द्वारा किसानों की जानकारी को एक जगह इकट्ठा करने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य किसानों की पहचान, उनकी भूमि के रिकॉर्ड और विभिन्न सरकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी को एक विशिष्ट आईडी से जोड़ना है। यह प्रणाली भारत सरकार के डिजिटल कृषि मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उक्त बातें उप जिलाधिकारी इटवा कुणाल ने 18 सितम्बर 2025 को तहसील में पत्रकारवार्ता के दौरान कही है।
उन्होंने आगे बताया कि इसमें कुछ त्रुटियां थीं जिसे अपडेट कर दूर कर दिया गया है। सभी छूटे हुए किसान जल्द से जल्द अपना फार्मर रजिस्ट्री करा लें। इसके लिए सीएससी सेंटर या अपने लेखपाल से सम्पर्क करें।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
फार्मर रजिस्ट्री के कई लाभ हैं। इसे हम पांच बिन्दुओं में बांट कर आसानी से समझ सकते हैं।
पहला सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना- यह किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) फसल बीमा योजना और कृषि ऋणों का लाभ आसानी से प्राप्त करने में मदद करता है।
दूसरा पारदर्शिता और दक्षता लाना- यह प्रणाली बिचौलियों को खत्म करती है और यह सुनिश्चित करती है कि सरकारी लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचे, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और धोखाधड़ी की संभावना कम होती है।
तीसरा दस्तावेजों का बोझ कम करना- एक बार रजिस्ट्री होने के बाद, किसानों को हर योजना के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होती है। उनकी जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध होती है, जिससे प्रक्रिया आसान हो जाती है।
चौथा कृषि ऋण और सब्सिडी खाते में भेजना- किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और कृषि ऋणों तक आसानी से पहुंच मिलती है। इसके अलावा, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी भी सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जा सकती है।
पांचवा बेहतर नीति निर्माण करना- सरकार के पास किसानों और उनकी भूमि से संबंधित सटीक और अद्यतन जानकारी उपलब्ध होती है, जिससे कृषि नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से बनाने में मदद मिलती है।