जुलूस और जश्न के साथ मनावर में मनाई गई ईद मिलादुन्नबी | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

जुलूस और जश्न के साथ मनावर में मनाई गई ईद मिलादुन्नबी | New India Times

मनावर नगर में विशाल चल समारोह (जुलूस) के साथ ईद मिलादुन्नबी के त्यौहार को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। बीती दिनों से ही लोगों ने अपने घर मस्जिदों और चौराहों को रंगीन रोशनियों और हरे रंग के झंडों से सजावट की। बच्चों ने अपने हाथ पर हरे रंग की पट्टियाँ बांधी, क्योंकि हरा रंग इस्लाम का प्रतीक है। देश दुनिया के साथ मनावर में भी सभी मुसलमानों ने इस दिन को बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाता है। यह दिन अल्लाह के आखिरी नबी, इस्लामी पैगंबर मोहम्मद साहब की पैदाइश का दिन है। समाजजनों ने मस्जिदों और घरों में शांति, अमन और बरकत की दुआ मांगी। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर चल समारोह में आने वाले लोग नगर के नाला प्रांगण में सम्मिलित हुए जहां से ईद मिलादुन्नबी का जुलूस क्रांति चौपाटी, मंसूरी मोहल्ला, गांधी चौराहा, आजाद मार्ग होते हुए नाला प्रांगण में समाप्त हुआ। इस दौरान मुस्लिम जन अल्लाह और उसके रसूल की नात पढ़ते जा रहे थे।

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यह दिन मुस्लिमों के लिए सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है क्योंकि यह दिन पवित्रा पैगंबर साहब की दया, करुणा और शिक्षाओं की याद दिलाता है। इस्लामी महीने के 12 वें दिन मनाते हैं। वह अपने आखिरी पैगंबर के प्रति बहुत सम्मान के साथ अपना प्यार दिखाते हैं। जुलूस के साथ शामिल रहे नगर के इमाम और मुफ्तियों को पुष्प माला से स्वागत सम्मान किया। इसी दौरान समाजजनों के नेतृत्व में जुलूस के महकमे को सुचारू रूप से संचालित किया। इसी बीच मस्जिदें अक्सा का नक्शा बनकर जुलूस के साथ चलित रहा। कांग्रेस नगर मंडल ने जुलूस का स्वागत किया। जुलूस के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जिसमें समस्त समाजजनों ने हिस्सा लिया। जामा मस्जिद के पेश ईमाम ने कहा जामा मस्जिद मनावर के पेश इमाम (धर्म गुरु) कासिमुल कादरी साहब ने कहा कि आज ईद मिलादुन्नबी के इस मुबारक दिन तमाम आलम ए इस्लाम ने जुलूस में शिरकत की। ओर शानो शौकत से जुलूस कामयाब रहा है में सभी मोमिनों को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देता हूं।

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गोसिया मस्जिद के इमाम शरीफ मिस्बाही साहब ने कहा कि आज ईद मिलादुन्नबी के साथ-साथ टीचर डे भी है और मुसलमान के सबसे बड़े गुरु हजरत मोहम्मद पैगंबर साहब इस दुनिया में आज ही के दिन तशरीफ़ लाए थे और उस जमाने में जहां जिंदा बच्चों को दफनाया जा रहा था उन्होंने उन्हें महफूज रखा और पूरी कायनात में ऐसी मिसाल कायम की जो आजतक देखने को नहीं मिली। जामा मस्जिद के सेक्रेटरी जाकिर खत्री ने तमाम बच्चे बुजुर्ग जो जुलूस में शिरकत लाए थे उनका इस्तेमाल करते हुए शुक्र अदा किया और खासकर पुलिस प्रशासन का सहयोग मिलने पर आभार व्यक्त किया। जिन्होंने जुलूस को सफल बनाया। पुलिस प्रशासन की माकूल व्यवस्था रही।

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