बेरोजगार ने अपना क्रोध गाड़ी पर निकाला, प्लांट हैड की वजह से आए दिन विवादित हो रही है एसीसी | New India Times

शेरा मिश्रा/अविनाश द्विवेदी, कटनी (मप्र), NIT;  ​बेरोजगार ने अपना क्रोध गाड़ी पर निकाला, प्लांट हैड की वजह से आए दिन विवादित हो रही है एसीसी | New India Timesकैमोर एसीसी सीमेंट की गतिविधियां इन दिनों किसी से छुपी हुई नहीं हैं। प्लांट हेड अपनी छवि के साथ साथ प्लांट की भी छवि धूमिल कर रहे हैं। आए दिन प्लांट में हो रही घटना दुर्घटना प्लांट हैड की नाकामियों की कहानी बता रहा है। कल भी एक बुजुर्ग की मौत हुई जिसका खामियाजा एसीसी प्लांट को भुगतना पडा तथा आज प्रातः एक नया विवाद देखने को मिला। बताया जा रहा है कि पूर्व में पदस्थ एसीसी एच आर हेड एवं प्लांट हेड के बीच अंबन चल रही है जिसकी वजह से एसीसी के अधिकारीयों में खौफ का महौल व्याप्त है। प्लांट में इन दिनों आय दिन विवाद हो रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों में रोजगार को लेकर इस तरह का आक्रोश पहली बार देखा जा रहा है। शायद इसकी वजह प्लांट हेड हैं। ​बेरोजगार ने अपना क्रोध गाड़ी पर निकाला, प्लांट हैड की वजह से आए दिन विवादित हो रही है एसीसी | New India Timesआज प्रातः 9 बजे एसीसी हॉस्पिटल में खड़ी कार पर मदन (डागा) चमन चौराहा निवासी युवक ने प्लांट में रोजगार से आक्रोशित होकर भट्टाचार्य साहब की गाड़ी को निशाना बनाते हुए वेगेंनआर गाड़ी के साथ तैड फोड़ कर दी। घटना की जानकारी लगते ही प्लांट के अंदर आला अधिकारियों में दहशत का महौल व्याप्त हो गया। इस घटना के बाद अभी भी दहशत में अधिकारी प्लांट के अंदर दुबक कर बैठे हैं। घटना को गम्भीरता से अगर देखा जाए तो यह आम आदमी की गाड़ी नहीं थी बल्कि प्लांट के आला अधिकारी का वाहन था जो बेरोजगारों को परेशान करने का कार्य करता था। विवाद के पश्चात बेरोजगार यूवक एक जुट होते नजर आ रहे हैं। अधिकारी के वाहन को छूति पहुचाने के बाद भी अभी मामला शांत होते नजर नहीं आ रहा है। यह माना जा रहा है कि एसीसी डिपार्टमेंट की सिक्योरटी खौफ को संभालने में नाकामयाब दिख रहे हैं। प्लांट के हालत को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि प्लांट विरोधी गतिविधियों की बजह से एसीसी प्लांट विवाद के घेरे में आ रहा है जो थमने की बजाय बढता ही जा रहा है और हालात यहां तक पहुंच गये हैं कि अधिकारीयों को भी अब बेरोजगार युवक निशाना बना रहे हैं। अगर यही हालात रहे तो जल्द एसीसी सीमेंट प्लांट में ताला जडा नजर आएगा। अधिकारीयों के बगलों पर चिडिया अपना रैन बसेरा बनाएंगी। पुलिस को मामले की जांच कर मामला कायम करना चाहिए। एक पक्षी मामला दर्ज करने से बेरोजगार युवाओं को ठेस पहुंच सकती है।

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