मनीषा मामले में भड़का जनाक्रोश, 24 अगस्त को हरियाणा बंद, सतपाल तंवर के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन | New India Times

फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

मनीषा मामले में भड़का जनाक्रोश, 24 अगस्त को हरियाणा बंद, सतपाल तंवर के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन | New India Times

भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने शिक्षिका मनीषा हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर 24 अगस्त 2025 को हरियाणा बंद का आह्वान किया है। इस ऐलान के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी को झुकना पड़ा, और उन्होंने मनीषा मामले में सीबीआई जांच की घोषणा की। फिर भी, भीमसेना और हरियाणा की जनता का भाजपा सरकार पर भरोसा नहीं है, और 24 अगस्त का बंद दोगुनी ताकत से सफल बनाने के लिए जोरदार अभियान शुरू हो गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि खाप पंचायतें, कई संगठन, संस्थाएं और मजदूर-किसान और दलित संगठन भी हरियाणा बंद में उतर सकते हैं। सतपाल तंवर ने सर्वधर्म, सर्वसमाज और 36 बिरादरी का आहवान करके हरियाणा बंद बुलाया है।

नवाब सतपाल तंवर की ताकत के सामने सीएम सैनी का सरेंडर

मिली जानकारी के मुताबिक 19 अगस्त 2025 को देर रात 10 बजे नवाब सतपाल तंवर ने भिवानी में शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए हरियाणा बंद का ऐलान किया। उनके इस ऐलान ने प्रशासन और सरकार में हड़कंप मचा दिया। मात्र कुछ घंटों बाद, 20 अगस्त 2025 को रात 2:30 बजे, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ट्वीट कर मनीषा मामले की सीबीआई जांच करवाने की घोषणा की। यह कदम तंवर की ताकत और जनसमर्थन का स्पष्ट प्रमाण माना जा रहा है। हालांकि, भीमसेना और स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी की सीबीआई जांच की घोषणा सिर्फ दबाव कम करने की रणनीति है। जनता का भाजपा सरकार पर भरोसा टूट चुका है, क्योंकि शुरुआती जांच में पुलिस की लापरवाही और सबूतों को दबाने के आरोप लगे हैं। इसीलिए, नवाब सतपाल तंवर ने हरियाणा की 36 बिरादरियों से अपील की है कि 24 अगस्त का बंद पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली और व्यापक हो। इससे पहले 17 अगस्त को भीमसेना सुप्रीमो सतपाल तंवर ढिगावा मंडी लोहारू भी गए थे वहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए और धरने को संबोधित करते हुए हरियाणा सरकार को 24 घंटे का एल्टीमेटम दिया था। जिस अल्टीमेटम के पूरा होने के बाद तंवर ने हरियाणा बंद की ऐलानिया घोषणा कर दी।

मनीषा हत्याकांड: पृष्ठभूमि

भिवानी जिले के ढाणी लक्ष्मण गांव की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त को लापता हुई थी। 13 अगस्त को उनकी क्षत-विक्षिप्त लाश सिंघानी गांव के खेतों में मिली। पोस्टमार्टम में जहर से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन परिजन और ग्रामीण इसे सुनियोजित हत्या मान रहे हैं। पुलिस पर लापरवाही और अपराधियों को बचाने के आरोपों के बाद जनता का गुस्सा भड़क उठा। कई दिनों तक सड़क जाम, प्रदर्शन, और पंचायतें हुईं, जिसके बाद नवाब सतपाल तंवर ने इस आंदोलन को नेतृत्व प्रदान किया। हालांकि एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम के बाद मनीषा का हिन्दू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जा चुका है। अब कुछ संगठन और संस्थाएं भीम सेना के साथ मिलकर हरियाणा बंद की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। सूत्रों की मानें तो विपक्ष के कई नेता भी भीमसेना प्रमुख सतपाल तंवर के संपर्क में हैं और बीजेपी सरकार को घेरने की तैयारी में जुटे हैं।

हरियाणा बंद का आह्वान और प्रभाव, 36 बिरादरियों का समर्थन:

नवाब सतपाल तंवर ने हरियाणा की सभी 36 बिरादरियों से एकजुट होकर इस बंद में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने सर्वधर्म, सर्वसमाज और 36 बिरादरी का आहवान करके हरियाणा बंद में शामिल होने की अपील की है। सामाजिक संगठनों, खाप पंचायतों, और स्थानीय नेताओं ने इस आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान भी किया है।

पिछले सफल बंद:

तंवर ने इससे पहले 2 अप्रैल 2018 और 21 अगस्त 2024 को भारत बंद को अपने दम पर सफल बनाया था। उनकी संगठनात्मक ताकत और जनता के बीच विश्वसनीयता के चलते इस बार भी बंद का व्यापक प्रभाव होने की संभावना है। इसके लिए तंवर ने हरियाणा के ग्रामीणों के नाम संदेश जारी करके कहा है कि गांव के लोग इस आंदोलन का नेतृत्व करें और सरकार को झुकने के लिए मजबूर करें।

प्रभावित क्षेत्र:

भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, रोहतक, महेंद्रगढ़, अंबाला, यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कैथल, मेवात, रेवाड़ी, जींद, फतेहाबाद, सिरसा आदि अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का असर सबसे अधिक हो सकता है। बाजार, परिवहन, और अन्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, हालांकि गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में प्रभाव सीमित रह सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था:

बंद के ऐलान से सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट सेवाएं 21 अगस्त तक निलंबित हैं, और पुलिस ने रैपिड एक्शन फोर्स व दंगा नियंत्रण वाहनों की तैनाती की गई है।

जनता का गुस्सा और अभियान:

सीबीआई जांच की घोषणा के बावजूद, भीमसेना और हरियाणा की जनता का मानना है कि बीजेपी सरकार का रवैया विश्वासघाती रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में लापरवाही, एक एसपी का तबादला, और पांच पुलिसकर्मियों का निलंबन भी जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रहा है। मनीषा के परिजन अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे थे, जिन्होंने एम्स में पोस्टमार्टम और सीबीआई जांच का आश्वासन मिलने के बाद मनीषा का अंतिम संस्कार कर दिया है। वहीं नवाब सतपाल तंवर ने बंद को दोगुनी ताकत से सफल बनाने के लिए गांव-गांव अभियान शुरू कर दिया है। भीम सेना की अलग अलग टुकड़ियां गांव गांव जाकर लोगों को हरियाणा बंद के लिए सूचित कर रहीं हैं।

जनता के लिए सलाह और यात्रा सावधानी:

24 अगस्त को सड़क और परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी जाती है।

सुरक्षा:

प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

आपातकालीन सेवाएं:

अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाएं बंद से प्रभावित नहीं होंगी, लेकिन स्थानीय व्यवधान संभव हैं। पेट्रोल पंप और सीएनजी पंप को भी बंद रखने के निर्देश भीम सेना द्वारा दिए गए हैं। नवाब सतपाल तंवर के नेतृत्व में 24 अगस्त का हरियाणा बंद न केवल मनीषा को न्याय दिलाने की मांग है, बल्कि यह प्रशासन और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक शक्तिशाली कदम है। तंवर की ताकत और जनता के समर्थन ने बीजेपी सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, लेकिन जनता का आक्रोश अब भी बरकरार है। यह बंद हरियाणा में सामाजिक एकजुटता और न्याय की लड़ाई का प्रतीक बन सकता है। खुफिया एजेंसियों स्थिति पर लगातार नजर रखें हुए हैं।

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