साबिर खान, लातूर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:
रुकय्या बेगम हाईस्कूल विद्यालय में एक पालक सम्मेलन (अभिभावक बैठक) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सौ. जरीना बागवान (सहायक पुलिस निरीक्षक) ने की। मंच पर प्रमुख रूप से प्राचार्य याहया कसेरी, प्रा. महेफुज़ सर (सेवानिवृत्त), श्रीमती नाजेमा अब्बास शेख, जूनैदी सर, आसिफ बागवान और यूसुफ सर (मुख्याध्यापक, प्राथमिक विभाग) उपस्थित थे।
अपने प्रेरणादायक भाषण में सौ. जरीना बागवान API ने कहा कि शिक्षा मानव जीवन का सबसे मूल्यवान और शक्तिशाली साधन है। शिक्षा से व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, प्रगति और समृद्धि आती है। शिक्षा से व्यक्तित्व का विकास होता है, सोचने-समझने की शक्ति बढ़ती है और समाज में व्यक्ति को सम्मानजनक स्थान मिलता है।
शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के अनुभवों से प्राप्त सच्चा ज्ञान भी है। शिक्षा व्यक्ति को सही-गलत की पहचान करने में सक्षम बनाती है, निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है और आत्मविश्वास बढ़ाती है। अशिक्षित व्यक्ति अंधविश्वास, अज्ञानता और गरीबी में फंसा रहता है, जबकि शिक्षित व्यक्ति वैज्ञानिक सोच वाला, जागरूक और प्रगतिशील होता है।

शिक्षा से समाज का भी विकास होता है। शिक्षित लोग समाज में समानता, बंधुत्व और न्याय जैसे मूल्यों का प्रचार करते हैं। शिक्षा से बेरोजगारी कम होती है और आर्थिक उन्नति होती है। इसलिए हर बच्चे, विशेषकर बालिकाओं को शिक्षा मिलना उनका हक और जरूरत दोनों है।
भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाएं जैसे “सर्व शिक्षा अभियान” और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का उद्देश्य सभी को समान अवसर देना है। शिक्षा के बल पर ही भारत एक विकसित राष्ट्र बन सकता है।
शिक्षा जीवन का आधार स्तंभ है, इसके बिना कोई भी विकास संभव नहीं है। इसलिए “विद्या विनयेन शोभते” अर्थात विद्या विनम्रता से ही शोभती है, इस कहावत को हमें याद रखना चाहिए। सभी को शिक्षा का महत्व समझना चाहिए और समाज की उन्नति के लिए शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।
कार्यक्रम का प्रारंभिक भाषण श्रीमती नाजेमा अब्बास शेख ने किया। संचालन प्रा. महेफुज़ सर ने तथा आभार प्रदर्शन जूनैदी सर ने किया। कार्यक्रम में प्राध्यापक, शिक्षक, सहायक कर्मचारी, सेवक, पालकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

