नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

अरविंद केजरीवाल का फ्रीबिज मॉडल लागू कर महाराष्ट्र चुनाव जीतने वाली बीजेपी ने वित्तीय मामलों में इतना घटिया किस्म का काम किया है कि आज महाराष्ट्र के प्रत्येक नागरिक के सिर पर डेढ़ लाख रुपए का क़र्ज़ चढ़ चुका है। 10 लाख करोड़ रुपए का क़र्ज़ उठा चुकी देवेन्द्र फडणवीस सरकार की योजनाएं अब दम तोड़ रही है। मुख्यमंत्री मुफ़्त तीर्थ दर्शन योजना की करोड़ों रुपए की देनदारी नहीं चुका पाने के कारण IRCTC ने योजना का संचालन करने से सरकार को मना कर दिया है। 2024-25 में 25 तीर्थ यात्राओं पर इस योजना के तहत पर खर्च किया गया 2 करोड़ रुपया सरकार पर बकाया है। पैसे के अभाव के कारण सामाजिक न्याय विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं।

योजना में शामिल 139 तीर्थों में मुस्लिम समाज के लिए एक मात्र अजमेर शरीफ़ दरगाह को सूचीबद्ध किया गया है। महाराष्ट्र के किसी भी वोटर ने मुफ़्त तीर्थ दर्शन योजना नहीं मांगी थी। सरकार की तिज़ोरी कार्पोरेट के पास गिरवी पड़ी होने के बावजूद सरकार में शामिल कई विधायक मुख्यमंत्री विशेष सहायता कोष का पैसा IRCTC की ओर मोड़कर जनता को तीर्थ यात्रा करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री के नाम से शुरू कुल 42 स्कीम में आधी मुफ़्त है। आय से अधिक प्रॉपर्टी कमाने का आरोप झेलते महायुति के कई नेता नायक फ़िल्म के अमरीश पुरी की तरह विपक्ष को चुनौती देने की नौटंकी तो करते हैं लेकिन दिल्ली में अल्पमत में चल रही अपनी सरकार के तख्ता पलट के खतरे से सिहर भी उठते हैं।

