नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

शिव-फुले-शाहू-आंबेडकर जी के समतावादी विचारों ने मनुवादी प्रवृति को उखाड़ फेंकने का काम किया बावजूद भय भ्रम चरित्र हनन इन शस्त्रों के सहारे मनुवाद सिर उठाता रहता है। मानव समाज को धर्म जाती लिंग भाषा संप्रदाय के नाम पर बांटने वाली मनुवादी सोच को आज़ादी के पहले रजवाड़े तो स्वतंत्र भारत में सरकारों से अनैतिक बल मिलता गया है। 13 जुलाई के दिन कुछ लोगों ने कार में चल रहे संभाजी ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण गायकवाड़ को घेरकर काली स्याही से पोत दिया और पीटने तक का प्रयास किया। सोलापुर जिले के अक्कलकोट के पास दिन के उजाले में सड़क पर खुले आम भीड़ की शक्ल में आए कुछ गुंडों ने इस वारदात को अंजाम दिया।

गायकवाड़ ने RSS पर आरोप लगाते हुए कहा कि संघ संभाजी ब्रिगेड बामसेफ़ को ख़त्म करना चाहता है। मानसून सत्र में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने जनता का विरोध झुठलाकर पब्लिक सेफ्टी बिल मंजूर किया जिसमें लेफ्ट विंग धारा को देश का दुश्मन करार दिया। सवाल पूछा जा रहा है कि फडणवीस के इस बिल में राइट विंग को उक्त तरीके से अपराध की छूट दे दी है ? प्रवीण गायकवाड़ पर किए गए हमले के विरोध में जलगांव के शिवतीर्थ मैदान पर तमाम लेफ्ट विंग विचारकों और बहुजन नेताओं ने इकठ्ठा हो कर देवेन्द्र फडणवीस सरकार में ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था का धिक्कार किया।
संभाजी ब्रिगेड प्रदेश सदस्य श्याम पाटिल , लोक संघर्ष की प्रतिभा शिंदे , ब्रिगेड से हि तुषार सावंत , प्रदीप गायके , विजय पाटिल , बामसेफ़ के मुकुंद सपकाले , मराठा सेवा संघ के सुरेश पाटील , सुरेन्द्र पाटील , राम पवार सैकड़ो नौजवान मौजूद रहे। महाराष्ट्र में फैलाई जा रही विषमतावादी जहरीली सोच बेरोजगार बच्चों को दंगाई बना रही है। सरकार के मंत्री सरकारी खजाने से विभिन्न योजनाओं के बैनर तले बर्तन कपड़े मकान पैसा अनाज बांटकर लोगो गुलाम और खुद को धर्मात्मा समझने का आनंद भोग रहे हैं। सरकार को याद रखना होगा कि भारत डॉ बाबा भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान से चल रहा है और चलेगा न कि किसी सेंगोल की छड़ी से।

