महाराष्ट्र में शॉप एक्ट में हुआ संशोधन; 10 से कम कामगार वाले दुकानों व कंपनी-कारखानों को शॉप लाइसेंस (गुमास्ता) लेने की बाध्यता खत्म | New India Times

ओवैस सिद्दीकी, अकोला (महाराष्ट्र), NIT;  ​
महाराष्ट्र में शॉप एक्ट में हुआ संशोधन; 10 से कम कामगार वाले दुकानों व कंपनी-कारखानों को शॉप लाइसेंस (गुमास्ता) लेने की बाध्यता खत्म | New India Timesनया साल छोटे कारोबारियों के लिए आराम दाई सबित होने की संभावना है क्योंकि महाराष्ट्र दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017 विगत 19 दिसम्बर से राज्य के व्यायसायिक एव व्यापारी प्रतिष्ठानों पर लागू हो गया है। इस अधिनियम के तहत छोटे व्यवसायिकों को दिलासा देने वाला सबित हो सकता है। 10 से कम कर्मचारी के काम करने वाली अस्थापनाओं के लिए शॉप लाइसेंस निकालने की जरूरत नही होगी। यह सब से उपयुक्त संशोधन इस नए अधिनियम में होगी जिससे राज्य में करीब 34 लाख व्यावसायिक, दुकानदार एवं व्यापारी वर्ग को इसका लाभ मिलने की आशा है।

नए कायदे के संदर्भ में कामगार मंत्री संभाजीराव पाटील निलंगेकर ने नागपूर अधिवेशन में दोनों सभागृह में अधिसूचना मंजूर कर अधिनियम 2017 राज्य भर में लागू करने की कार्यवाही पूरी की। नए कायदे की वजह से जिन लघु गृहउद्योग, दुकान, व्यापारी प्रतिष्ठान , व्यवसाय आदि ठिकानों पर 10 से कम कर्मचारी हैं उन्हें शॉप लायसन्स लेने की जरूरत नहीं होगी। इसका लाभ गैरकामगार 22 लाख अस्थापनों और 9 से कम कामगार वाले करीब 12 लाख अस्थिपनाओं को होगा।​महाराष्ट्र में शॉप एक्ट में हुआ संशोधन; 10 से कम कामगार वाले दुकानों व कंपनी-कारखानों को शॉप लाइसेंस (गुमास्ता) लेने की बाध्यता खत्म | New India Timesशाॅप एक्ट में संशोधन के लिए फाम महामंडल ने इससे पूर्व काई बार सरकार को निवेदने दिए थे जो रंग लाई है तथा 19 दिसेम्बर से राज्य में नया कायदा लागू हुआ है,  जिसके चलते अब व्यापारी प्रतिष्ठान हफ्ते में 7  दिवस शुरु रह सकेंगी तथा एक दिन बंदी की बंदिश नहीं रहेगी,  लेकीन प्रतिष्ठान में काम करने वाले कामगार को हफ्ते में एक दिन छुट्टी देना जरुरी होगा। इसके अलावा कामगारों को नैमत्तिक छुट्टी 8 दिन की मिल सकेगी। काम की जगह पालनाघर, उपहारगृह और प्रसाधनगृह की सुविधा करना जरुरी करार दिया गया है। हर कर्मचारी को पहचानपत्र की सुविधा देनी होगी। काम की जगह सुरक्षा एवं जाने आने की वाहन व्यवस्था होगी तो रात 9:30 बजे के बाद भी काम की इजाजत दी गाई है।

गैरजरुरी जांच की तकलीफ से हुआ बचाव

व्यवसाय, व्यापार में अब आनलाइन 24 घंटे सेवाओं से स्पर्धा करनी पड रही है। आनलाइन सेवा में कामगारों को समय का बंधन नहीं है, लेकीन दुकान ,प्रतिष्ठान को कामगार कायदों की जो जांच शर्ते थीं जो अब खतम हुई है। दस से कम कर्मचारी या कर्मचारी ना होने वाले प्रतिष्ठानों को शॉप लायसेन्स (गुमास्ता) की जरूरत नही होगी, केवल उन्हें व्यवसाय एवं व्यापार शुरु किए जाने की जानकारी कामगार कार्यालय को देना अनिवार्य रहेगा।

अब तक कार्यलय को इस संदर्भ मे कोइ लेखी स्वरूप पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, प्राप्त होने पर अमलबजावणी की जायेगी: बीआर पाणबुडे, सहायक कामगार आयुक्त, अकोला

आने वाला साल व्यवसायिको के लिए दिलासे वाला सबित हो सकता है। कानून के नए संशोधन का व्यवसायों एवं कामगारो ने सही रूप से पालन किया तो यह फायदेमंद सबित होगा।

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