अतिश दीपंकर ,पटना ( बिहार) NIT;
मीठापुर आरओबी एवं चिरैंयाटांड़ फ्लाई ओवर के बीच नवनिर्मित स्टेशन रोड फ्लाई ओवर के उद्घाटन के मौके पर सभा को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि एक समय था जब राज्य की सड़कों के निर्माण पर 50 करोड़ भी खर्च नहीं होते थे जबकि इस साल 14,286 करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे जो कुल योजना व्यय का लगभग 19 प्रतिशत है।
सभी जिला मुख्यालयों को 4 लेन और अनुमंडल तथा प्रखंड को 2 लेन सड़कों से जोड़ने का काम प्रारंभ कर दिया गया है।
बीच के थोड़े समय के लिए पथ निर्माण विभाग के मंत्री बने कुछ लोग एनडीए के कार्यकाल में बनी तमाम सड़कों का श्रेय लेने लगे थे। अच्छा हुआ कि मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों की छुट्टी कर दी। ऐसे लोगों के परिवार ने ही एक समय बिहार की सड़कों को गढ्डों में तब्दील कर दिया था मगर, एनडीए के शासनकाल में न केवल बिहार में सड़कों का जाल बिछा बल्कि अभी तो प्रधानमंत्री द्वारा घोषित पैकेज की 53 हजार करोड़ की सड़क परियोजनाओं का विभिन्न स्तर पर काम शुरू हो चुका है।
महात्मा गांधी सेतु के समानान्तर 5 हजार करोड़ की लागत से 8 लेन पुल के निर्माण के लिए भारत सरकार ने डीपीआर की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही महात्मा गांधी सेतु के सुपर स्ट्रक्चर को बदल कर 2020 तक उसे नवजीवन दे दिया जायेगा। जीरो माइल से मसौढ़ी तक 4 लेन सड़क का निर्माण कराया जायेगा जबकि मसौढ़ी से डोभी तक 4 लेन का काम जारी है। पटना में फ्लाईओवर का जाल बिछ चुका है। पूरे बिहार में पुल-पुलियों व सड़क संरचना के संजाल से विकास को गति मिली है।
