प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग के द्वारा ‘‘ऋण वसूली न्यायाधिकरण की कार्यप्रणाली’’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन | New India Times

गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग के द्वारा ‘‘ऋण वसूली न्यायाधिकरण की कार्यप्रणाली’’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन | New India Times

प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग के द्वारा आज दिनांक 06.05.2025 को ऋण वसूली न्यायाधिकरण की कार्यप्रणाली विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन संस्थान के प्रांगण में किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विधि विभाग के विद्यार्थियों को ऋण वसूली न्यायाधिकरण में व्यवसाय के अवसर तथा न्यायाधिकरण में वकालत की बारीकियों को सिखाना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में एडवोकेट मनोज कुमार शाही ने बताया कि आज के समय में कानून के विद्यार्थियों का रुझान कारपोरेट की तरफ ज्यादा बढ़ रहा है उन्होंने बताया कि अगर विद्यार्थी वकालत को चुने तो ये उनके भविष्य के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है तथा उन्होंने डी.आर.टी. और सरफेसी एक्ट के कानून को विस्तार से बताया और धारा 32 जो सूचना की बात करता है का बारीकी से व्याख्यान किया अन्त में उन्होंने सभी विद्यार्थियों के प्रश्नों के जबाव भी दिये।

कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक डाॅ. निशांत जोशी सह-निदेशिका, डाॅ. तारिका सिंह सिकरवार विधि विभाग की प्राचार्या डाॅ. राखी सिंह चैहान उपस्थित रहीं। जिन्होंने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऋण वसूली न्यायाधीकरण की त्वरित और प्रभावी निर्णय देने की कार्यप्रणाली से अवगत कराया तथा अपने महत्वपूर्ण विचार भी साझा किये तथा कार्यक्रम के दौरान विधि विभाग के करीब 200 से अधिक छात्र एवं छात्राएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन विधि विभाग के द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम के दौरान विधि विभाग के सभी सह-प्राध्यापक डाॅ. हरिओम अवस्थी, सह-प्राध्यापक डाॅ. अक्षय भार्गव, सह-प्राध्यापक आशीष यादव सह-प्राध्यापक आबिल हुसैन, सह-प्राध्यापिका श्वेता सिंह, सह-प्राध्यापक राहुल श्रीवास्तव उपस्थित रहे तथा अन्त में सह प्राध्यापिका मानसी गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.