राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मनाया मज़दूर दिवस | New India Times

शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश, जनपद शाखा गोरखपुर द्वारा संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर के कार्यालय प्रांगण पर राजेश चन्द्र श्रीवास्तव, प्रान्तीय महामंत्री यू०पी०एजूकेशनल मिनीस्ट्रियल आफीसर्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश, एवं प्रदेश उपाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश, की अध्यक्षता में मनाया मजदूर दिवस संचालन कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

सभा को राजेश चन्द्र श्रीवास्तव, प्रान्तीय महामंत्री यू०पी०एजूकेशनल मिनीस्ट्रियल आफीसर्स एशोसिएशन, उत्तर प्रदेश, एवं प्रदेश उपाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश, एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने सम्बोधित करते हुए कहा कि जब मजदूरों में आठ घन्टे की काम की मांग को लेकर वर्ष 1986 में आन्दोलन, किया था उसी दौरान 01 मई को हजारों मजदूर हड़ताल पर गये और 04 मई को हेमार्केट इस्क्यावर में एक रैली के दौरान बम विस्फोट हुआ जिससे पुलिस एवं आन्दोलनकारियों के बिच हिंसक झड़प हुई ऐसे ही अनेको धरना प्रर्दशन एवं रैलियों का परिणाम हुआ कि 01 मई 1886 को मजदूरों के लिए आठ घण्टे कार्य समय तय करते हुए 01 मई को विश्व मजदूर दिवस घोषित किया गया।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश सिंह एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष पं० श्याम नारायण शुक्ला, उपाध्यक्ष इजहार एवं उपाध्यक्ष कनिष्ठ गुप्ता, नें कहा कि मजदूर दिवस की शुरूआत भारतीय मजदूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरा बेलू चेत्यार्थ में की थी। भारत में मद्रास हाई कोर्ट के सामनें एक बड़ा प्रदर्शन किया और एक सकल्प पास करके यह सहमत बनाई की इस दिवस को भारत में भी कामगार दिवस के रूप में मनाई जाय और छू‌ट्टी का एलान किया जाय।

वर्तमान में मजदूरों/कर्मचारियों का शोषण जारी है कर्मचारियों की सख्या घटती जा रही है और पूर्व की भाँति 12 से 14 घन्ट कर्मचारियों के कार्य लिया जा रहा है और उनका पूर्ण रूप से शोषण किया जा रहा है उनकी पीड़ा को सुननें वाला कोई नहीं है। एक तरफ कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ा दिया गया है दूसरी तरह मा० न्यायालयों/उच्चन्यायालयों में योजित वादों में पैरवी के लिए कर्मचारियों का विवश कर उनका शोषण किया जा रहा है। केन्द्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश, सरकार वर्षों से लम्बित कर्मचारियों की उन मोंगों जिनपर सहमति बन चुकी है उसका भी निराकरण नहीं कर रही है।

सबसे शर्मनाक तो यह है कि कर्मचारियों को पेंशन नहीं देना चाहती है दूसरी तरफ अपना पेशन मेज थपथपाकर पारित कर ले रही है तथा जनता को बेबकूफ बना रही है। अब समय आ गया है कि हम सभी अधिकारियों,अध्यापकों,कर्मचारियों को एक जूट होकर बड़ा आन्दोलन करनें का। सभी संगठनों से अपील है कि एक जूट होकर एक मंच बनाकर बड़ा आन्दोलन किया जाय। मजदूर दिवस के अवसर पर अभयनाथ यादव, शिवचरन यादव, अरविन्द कुमार पाण्डेय, सुवोध कुमार पाण्डेय, दुर्गेश प्रताप राव, इजहार, कनिष्ठ गुप्ता, पं० श्याम नारायण शुक्ला, राम प्रवेश यादव, डा०. एस० के० विश्वकर्मा, अशोक कुमार पाण्डेय, सहित भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

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