नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

गुजरात मध्य प्रदेश महाराष्ट्र तीनों राज्यों के साथ साथ केंद्र में बीजेपी की सरकार है और एक छोटे से प्रोजेक्ट तापी मेगा रिचार्ज के लिए बरसो से कागज बाजी की जा रही है। महाराष्ट्र से बीजेपी की सांसद रक्षा खडसे स्मिता वाघ ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को बिनती की है कि उनकी सरकार मेगा रिचार्ज परियोजना को मान्यता दे। इसके पहले इस योजना के लिए बीजेपी के मेहनतकश नेताओं द्वारा केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटील के साथ मंत्रणा के मनोहर क्षण कैमरे में कैद किए जा चुके हैं। साल 2000 से इस योजना पर मीडिया में खबरे चालू हो गई। 2014 में मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद साल दो साल में मेगा रिचार्ज परियोजना को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया जाना चाहिए था। लेकिन यहां तो आज भी मंजूरी के लिए ज्ञापन निवेदन आवेदन का मैराथन खेल शुरू है। दूसरा एक मराठवाड़ा वॉटर ग्रीड प्रोजेक्ट है जिसे मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस 2014 से पूरा करने में लगे हैं।
11 साल बीत चुके हैं फडणवीस ने और 06 साल का समय मांगा है। मेगा रिचार्ज बीजेपी को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में चार्ज करने का टूल कीट बन गया है। पार्टी में ऐसे लोग भरे पड़े हैं जो बिना कुछ काम किए दवाई और सिंचाई क्षेत्र को लेकर किए प्रोपेगेंडा से मंत्री बन गए। ऐसे महान नेता सत्ता में बने रहने के लिए जनता के बीच जा कर सिंधु नदी का पानी तापी मेगा रिचार्ज में डालने की बात भी कर सकते हैं। वर्तमान तापी मेगा रिचार्ज से महाराष्ट्र को 19 TMC, मध्य प्रदेश को 12 TMC पानी मिलेगा। इसमें गुजरात को मिलने वाले पानी को रोकने की बात को रेखांकित किया गया है। शायद इस लिए मोदी-शाह इस प्रोजेक्ट को मान्यता देने के पक्ष में नहीं है। मेगा रिचार्ज को लेकर बीजेपी सरकारों को अपनी भूमिका इस लिए साफ़ करनी चाहिए ताकि लोग इसे जुमला न कहने लगे।

