माध्यमिक शिक्षा बोर्ड मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा उर्दू माध्यम के छात्रों के साथ लापरवाही या संगठित साजिश, कौन है ज़िम्मेदार ? | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा उर्दू माध्यम के छात्रों के साथ लापरवाही या संगठित साजिश, कौन है ज़िम्मेदार ? | New India Times

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भोपाल के टाइम टेबल के अनुसार, मंगलवार 4 मार्च 2025 को बारहवीं कक्षा के भौतिकी (फिजिक्स) विषय की परीक्षा आयोजित की गई। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर, जिसे उर्दू भाषा और साहित्य की छावनी के रूप में जाना जाता है, वहाँ जब उर्दू माध्यम के छात्रों को फिजिक्स का प्रश्नपत्र वितरित किया गया, तो वे उसे देखकर स्तब्ध रह गए और मानसिक तनाव में आ गए।

यह पूरा प्रश्नपत्र गूगल अनुवाद पर आधारित था, जिसकी तकनीकी शब्दावली के गलत प्रस्तुतीकरण के कारण उर्दू माध्यम के सभी स्कूलों के छात्रों को कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ा। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की लापरवाही हुई थी, लेकिन पिछली गलतियों से कोई सबक न लेते हुए इस बार भी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, विशेष रूप से जिला शिक्षा अधिकारी बुरहानपुर की लापरवाही और साजिश के कारण इस समस्या का समाधान करने के लिए किसी विषय विशेषज्ञ शिक्षक को उपलब्ध नहीं कराया गया।

यहाँ यह बताना आवश्यक है कि परीक्षा के दौरान सरकारी उर्दू गर्ल्स स्कूल, हरीरपुरा के छात्रों को परीक्षा हॉल (सेवा सदन हायर सेकेंडरी स्कूल) में मौजूद शिक्षकों की अनुचित टिप्पणियों के कारण मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे उनका परीक्षा प्रदर्शन प्रभावित हुआ।

छात्रों और अभिभावकों का विरोध:-

शहर के सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र के प्रमुख लोगों में दारुस्सरूर एजुकेशन सोसाइटी बुरहानपुर के निदेशक तनवीर रज़ा बरकाती, और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता नौशाद अली अंसारी और उज़ैर नक़्क़ाश के प्रयासों से छात्रों को जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुँचाने का अवसर मिला। उनके नेतृत्व में छात्रों और उनके अभिभावकों ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड मध्य प्रदेश भोपाल की लापरवाही और साजिश के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया और इसे बोर्ड और जिला शिक्षा अधिकारी बुरहानपुर की संगठित लापरवाही करार दिया।

विरोध प्रदर्शन और प्रशासन से मांग:-

प्रदर्शन के दौरान, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भोपाल द्वारा गूगल अनुवाद पर आधारित फिजिक्स प्रश्नपत्र तैयार करने और जिला शिक्षा अधिकारी बुरहानपुर की लापरवाही की कड़ी निंदा की गई। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी बुरहानपुर से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की मांग की ताकि बारहवीं कक्षा के छात्रों का भविष्य खराब न हो।

पिछले वर्ष की गलती फिर दोहराई गई :-

यह भी ध्यान देने योग्य है कि पिछले वर्ष भी सरकारी गर्ल्स स्कूल हरीरपुरा, बुरहानपुर के अतिथि शिक्षक प्रोफेसर हाशिम अंसारी ने गूगल अनुवाद की गलतियों की पहचान/निशानदेही की थी और इसे प्रमाण सहित प्रस्तुत किया था। इस गलती को स्वीकार करते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने 28 अंकों की विशेष छूट की स्वीकृति प्रदान थी। लेकिन इसके बावजूद, इस वर्ष फिर से वही गलती दोहराई गई, जिससे यह संदेह पैदा होना स्वाभाविक प्रतीक होता है कि उर्दू माध्यम की छात्र-छात्राओं के साथ यह एक संगठित साजिश हो सकती है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.