जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

पूरे भोपाल में काली मंदिर से लेकर भोपाल टॉकीज चौराहे तक घंटे तक जाम की स्थिति रहती है ट्रैफिक पुलिस का वहां पर ध्यान नहीं है रोशनपुर चौराहे पर जहां पर विप मोमेंट और न्यू मार्केट व्यापारियों के फुटकर व्यापारियों के छोटे-छोटे दुकानदार या वहां के ग्राहक अगर रोशन पुरा चौराहे पर नियम से नहीं चल अजय बाजपेई जी फौरन कार्रवाई करने का आदेश देते हैं लेकिन सवाल यह होता है कि जब वाजपेई जी घर चले जाते हैं तब ऐसी कार्रवाई नहीं होती सीसीटीवी कैमरा की अगर जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा अगर नियम बने हैं तो सभी के लिए होने चाहिए और पूरे समय के लिए होना चाहिए ट्रैफिक पुलिस भोपाल से एसीपी अजय बाजपेई जी केवल टारगेट पूरा करने के लिए इतनी जद्दोजहद करते नजर आते हैं उसके बाद वसूली का अभियान दिन भर चालू रहता है पुलिस के कैमरे से बचते हुए पूरा दिन लेनदेन में गुजर जाता है। कुछ रसूखदारों के फोन आने पर वहां छोड़ दिए जाते हैं। जब चालान घर पहुंचने की पूरी व्यवस्था है फिर इतनी ज़िल्लत से लोगों को बेइज्जत करने का क्या मतलब हैआखिर किस टारगेट पूरा करने के लिए साल में कितने दिन बड़े अधिकारी इन चौराहे पर बैठने नजर आते हैं कार्रवाई करने के लिए यह भी देखना होगा जो कैमरा की नजर में या डाटा में जांच का विषय है चलते हुए वहान से गाड़ी की चाबी निकालना लोगों को जबरदस्ती रोकना और फिर उसे पर बड़े चालानी कार्रवाई स्पॉट पर की जाती है तो फिर चालान घर पहुंचने वाली व्यवस्था की आवश्यकता क्या है इस जिला प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए क्या ट्रैफिक व्यवस्था में टारगेट ही सब कुछ है या केवल एक ही क्षेत्र में यह टारगेट पूरा हो जाता है और कुछ ही समय के लिए खाना पूर्ति की जाती है।

