अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 और 25 फरवरी को आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा, जिससे 10वीं , 12वीं कक्षा और आरजीपीवी के विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

छात्रों की इस समस्या को देखते हुए एनएसयूआई ने विशेष पहल करते हुए एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। वहीं परीक्षा केंद्रों के गेट पर हेल्पलाइन के पोस्टर भी लगा दिए गए हैं एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने हेल्पलाइन नंबर 9669083153 जारी करते हुए कहा कि यदि किसी भी छात्र-छात्रा को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में समस्या हो तो वे इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। एनएसयूआई की टीम एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में मदद करेगी।

रवि परमार ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को पत्र लिखकर परीक्षा की तारीख परिवर्तित करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया। उन्होंने कहा, “मंत्री जी छात्रों की चिंता छोड़कर अपनी राजनीति चमकाने में व्यस्त हैं। अगर सरकार ने समय रहते फैसला लिया होता तो आज छात्रों को इस तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता।”परमार ने स्कूल शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “उदय प्रताप सिंह को छात्रों की कोई चिंता नहीं है। वे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मेकअप करवा रहे हैं , लेकिन विद्यार्थियों की परेशानियों पर उनका ध्यान नहीं जा रहा। इसके साथ ही, एनएसयूआई ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के कुलपति को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर 24 और 25 फरवरी को होने वाली परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है।

परमार ने स्कूल शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “उदय प्रताप सिंह को छात्रों की कोई चिंता नहीं है। वे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मेकअप करवा रहे हैं , लेकिन विद्यार्थियों की परेशानियों पर उनका ध्यान नहीं जा रहा। इसके साथ ही, एनएसयूआई ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के कुलपति को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर 24 और 25 फरवरी को होने वाली परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है।

रवि परमार ने कहा, “छात्रों का भविष्य हमारे लिए सर्वोपरि है। प्रशासन की अव्यवस्था के कारण कोई भी विद्यार्थी परीक्षा से वंचित न रह जाए, इसलिए एनएसयूआई ने यह कदम उठाया है। हम हर छात्र तक मदद पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं एनएसयूआई छात्रों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी रहेगी और किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं होने देगी।”

परमार ने तर्क दिया कि अवरुद्ध मार्गों पर पुलिस एंबुलेंस को नहीं रोकेगी। इसीलिए NSUI ने स्टूडेंट्स के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की है ताकि हर छात्र समय पर एग्जाम सेंटर तक पहुंच सके। परमार ने चेतावनी भी दी है कि अगर एक भी छात्र परीक्षा से वंचित रहा तो इसके जिम्मेदार स्कूल शिक्षा मंत्री रहेंगे वहीं एनएसयूआई छात्रहित में स्कूल शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव कर उग्र प्रदर्शन करेगी।

