मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:
मैहर जिले के नगर परिषद क्षेत्र रामनगर के वार्ड क्रमांक 08 पर निर्मित है माया का महल जिसे सूक्ष्म आंखों से नहीं देखा जा सकता किन्तु नगर परिषद रामनगर इसे देख पाती है और इसका शासकीय दस्तावेज पर उल्लेख भी करती है। बाणसागर परियोजना से लेकर नगर परिषद रामनगर मैहर जिले से लेकर भोपाल तक है इस भूखण्ड की चर्चा।

आदर्श ग्राम रामनगर के भूखण्ड S-43 जिसकी अनुमति लागत लगभग तीन करोड़ रूपए आंकी जा रही। जिसे फर्जी दस्तावेज के माध्यम से आवंटन किया तत्कालिक जिला पंचायत सदस्य भीमसेन सोनी ने अपने पुत्र सूरज सोनी निवासी पुरैना के नाम पर फर्जी तरीके से आवंटित किया है। जिसकी बुनियाद कूट रचित पर निर्धारित है।

जिसमें प्लाट पट्टा में हस्ताक्षर ना होना रीवा कमिश्नर रविन्द्र पस्तोर द्वारा सारे अधिकार ग्राम पंचायत को सौंपने की तारीख से परे इतना ही नहीं तब भीमसेन सोनी के पास शासकीय रिकार्ड पर सूरज नाम का कोई लड़का ना होने के सक्षम पर नगर परिषद द्वारा पीआईसी बैठक पर कूट रचित दस्तावेजों की पुष्टि पर निरस्त कर दिया है।

देखें भीम की माया का सूरजधानी भवन नगर परिषद रामनगर द्वारा नोटशीट पर पुष्टि क्या? मोटी रकम पर खेल। नगर परिषद रामनगर द्वारा S-43 भूखण्ड पर भवन अनुज्ञा राशि रसिद क्रमांक के आधार पर नोटशीट के उल्लेख पर 15 20 का भवन निर्मित है। जिसमें तत्कालीन प्रभारी सीएमओ उपयंत्री ओमप्रकाश द्विवेदी के हस्ताक्षर हैं। माया का सूरजधानी भवन सिर्फ नगर परिषद के अलावा नगरवासियों को नहीं दिखता।

अनुमानित तीन करोड़ के भूखण्ड पर रामनगर के कई राहगीर प्रत्यक्षदर्शी को भौतिक स्थिति पर खड़े कर पुछा गया तो किसी को सूरजधानी भवन दिखा ही नहीं सिर्फ अगर दिखा है तो मात्र रामनगर के उपयंत्री ओमप्रकाश द्विवेदी को जिन्होंने नोटशीट पर उल्लेख कर हस्ताक्षर किये है। अगर किसी को दिखे तो बताइएगा माया भवन मुझे तो नहीं दिखा ना ही प्रत्यक्षदर्शियों।

