पूर्व विवाद में जदयू प्रखंड महासचिव की गोली मारकर हत्या, मामले में 3 गिरफ्तार | New India Times

अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

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बिहार में विधि व्यवस्था नाम की कोई चीज जैसे नहीं रहा गई है। आये दिन एक के बाद एक घटनायें होती रहती है। जब बिहार के सरकार के लोग ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की स्थिती क्या होगी, यह महज समझी जा सकती है। ताजा घटनाक्रम में बिहार के गया में मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर बेलागंज थाना क्षेत्र में बीती रात्रि महेश मिश्रा की गोली मार कर हत्या कर दी गई। मृतक चुड़िहारा गांव का रहने वाला था। वह बेलागंज प्रखंड के जदयू महासचिव सह अपने पंचायत का उप मुखिया भी था।

मामले में एसएसपी आनन्द कुमार ने देर रात ही डीएसपी रवि प्रकाश सिंह (विधि-व्यवस्था) को जांच का जिम्मा सौंप दिया था, उनके नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। एफएसएल और तकनीकी टीम को भी घटनास्थल पर बुलायी गयी। पुलिस ने जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल भेज दिया। पुलिस सुत्रों ने बताया कि, घटना के सात घंटे के अंदर ही घटना में शामिल  3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों में कामता मिश्रा, सुधीर मिश्रा और रणधीर मिश्रा शामिल हैं। तीनों आरोपी चूड़ीहारा गांव के रहने वाले हैं।

वहीं घटना के प्रत्यक्षदर्शी राकेश मिश्रा ने बताया कि, मुख्य आरोपी चंचल मिश्रा अब भी फरार है। उसकी के पिता के भोज में शामिल होने के लिये महेश मिश्रा गए थे। महेश मिश्रा के साथ वह भी भोज कर घर को लौट ही रहे थें कि, रास्ते में घात लगाए अपराधियों ने मारो-मारो की बात कही तो हमलोग भागने लगे। हम खेत के रास्ते भागने लगे और महेश मिश्रा सड़क के रास्ते भागने लगे। लेकिन उन्हें अपराधियों ने पकड़ लिया और 4 गोली मार दी। इससे महेश मिश्रा का  मौके पर ही गिर गए और उनकी मौत हो गई। जबकि 6 की संख्या में रहे अपराधी मौके से भाग गए। सभी अपराधी हथियार लिए थें। उन्होंने बताया कि, महेश मिश्रा की हत्या वार्ड सदस्य चुनाव को लेकर हुई है। लगातार दो बार महेश मिश्रा ने चंचल मिश्रा के भाई को हराया। इस वजह से दोनों के बीच दुश्मनी चल रही थी। पूर्व में भी चंचल मिश्रा व उसके परिवार वालों ने भी मारने की कोशिश की थी, पर वे सफल नहीं हुए थे।

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