नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

16 दिसंबर को हमने चाकण सिंगल लेन सड़क पर होने वाले ट्रैफिक जाम को लेकर एक स्टोरी की थी। आज उसी NH 753 F, NH 222 पर सरकार के नाक के नीचे पुलिस ने लूट मचा रखी है। औरंगाबाद-पुणे 753 इस फोरलेन को छह लेन में तब्दील करने की मांग काफ़ी पुरानी है। औरंगाबाद से अहिल्या नगर तक का फोरलेन उखड़ चुका है। मरम्मत की अनदेखी का कारण दूसरा टोल बंद होने को बताया जा रहा है। अहिल्या नगर बाय पास होकर पुणे जाना टालना चाहते हो या फिर सिटी के भीतर से सोलापुर की ओर जाने वाले ट्रक कंटेनर जैसे हेवी वाहनों को पुलिस की जेब में सौ रूपए चुंगी देनी पड़ती है। अहिल्या नगर पुलिस के कर्मचारी बाय पास प्वाइंट पर चेक पोस्ट के नाम पर बैरिकेट्स लगाकर हर ट्रक से जबरन सौ रुपया वसूलते हैं। इस जमाखोरी में स्थानीय नेताओं का भी हिस्सा बताया जा रहा है।
चुंगी देने से मना करने वाले वाहन धारकों के गिरेबान को कानून के लंबे हाथ आसानी से धर लेते हैं। चेक पोस्ट पर कमाई की ड्यूटी लेने के लिए कर्मचारी अपने सीनियर्स से तालमेल बिठाते हैं। कानून व्यवस्था को लेकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री देवेन्द्र फडणवीस से आम जनता को बीते ढाई साल में कोई उम्मीद नहीं थी और आज तो बिल्कुल भी नहीं है। फडणवीस के चहीते मंत्रियों के गृह नगरों में पुलिस स्टेशन की इमारतें बीजेपी के पोस्टर्स से इस कदर पाट दि कि है कि मानो पुलिस स्टेशन नहीं बीजेपी का दफ़्तर हो। अगर आप 753 से यात्रा करने जा रहे हो तो अपनी जेब ढीली कर लीजिएगा क्यों कि अब कानून की देवता के आंखों पर लगी पट्टी को हटा दिया गया है। सत्ता से प्राप्त शक्ति से आम जनता के आर्थिक शोषण को बढ़ावा देने वाली सरकार ने आंखे मुंद ली है।
