अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल के होटल पलाश रेजीडेंसी में आयोजित राज्य स्तरीय “100 दिवसीय निक्षय भारत शिविर अभियान” के मौके पर न्यू पहल एजुकेशन एण्ड वेल्फेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष मिन्हाज अहमद को सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि फाउंडेशन द्वारा निक्षय मित्र के रूप में पहले ही चरण में 10 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। इस के इलावा संस्था द्वारा सिवनी के जामा मस्जिद में टीबी जांच शिविर आयोजित करने एवं सिवनी के 400 मस्जिदों में उर्दू में टीबी संबंधित प्रचार प्रसार सामग्री प्रदर्शित करने के लिए सहायता प्रदान की गई है। आप को बता दें कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत देशभर में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को तेज करने के लिए 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चलेगा। देश के 347 जिलों में टीबी के अत्यधिक मामलों वाले क्षेत्रों को चयनित किया गया है, जिनमें मध्य प्रदेश के 23 जिले भी शामिल हैं। राज्य के 23 उच्च-प्राथमिकता ) वाले जिलों (नरसिंहपुर, दतिया, सिंगरोली, डिन्डौरी, खण्डवा, कटनी, अनूपपुर, अलीराजपुर, जबलपुर, नीमच, रतलाम, मंदसौर, छतरपुर, उज्जैन, सीधी, श्योपुर, बैतूल, छिन्दवाड़ा, विदिशा, दमोह, मंडला, सीहोर एवं सिवनी) में उच्च जोखिम वाले मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच, और उचित उपचार प्रदान किया जायेगा।

अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी की पहचान, रोकथाम और उपचार को गति देना है। इसके तहत, टीबी घटनादर में 80% की कमी (2015 के आधार पर), मृत्यु दर में 90% की गिरावट और टीबी रोगियों के चिकित्सा व्यय को शून्य करना लक्ष्य है। अभियान में प्रदेश 11,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नि-क्षय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में उच्च जोखिम समूहों, जैसे मधुमेह, एचआईवी/एड्स, कुपोषण, और तंबाकू उपयोगकर्ताओं की स्क्रीनिंग कर उन्नत तकनीकों से परीक्षण किया जाएगा। साथ ही, टीबी रोगियों के संपर्क में आए व्यक्तियों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी प्रदान की जाएगी।

साथ ही जन-जागरूकता के लिए सामुदायिक, धार्मिक, शैक्षणिक और सरकारी संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। टीबी विजेताओं, नि-क्षय मित्रों और ग्राम पंचायतों को भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अभियान में संभावित टीबी परीक्षण दर को 1700 से 3,000 प्रति लाख जनसंख्या तक बढ़ाने, एमडीआर टीबी उपचार में उन्नत तकनीकों की हिस्सेदारी 70% तक बढ़ाने, और टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य है।

