मध्यान्ह भोजन में बच्चों को मिल रही केवल दाल, बच्चों का हक मार कर ज़िम्मेदार काट रहे हैं मलाई, सबका साथ सबका विकास नीति के तहत ज़िम्मेदार मध्यान्ह भोजन सामग्री का करते हैं बंदर बांट | New India Times

निहाल चौधरी, इटवा/सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

New India Times

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय ब्लाक क्षेत्र इटवा के प्राथमिक विद्यालय सेमरा में प्राइमरी विद्यालय में दिये जाने वाले मिड डे मील पर सवाल खड़ा हो रहा है, इसमें बच्चों को भोजन के नाम पर केवल दाल ही परोसा जा रहा है, सरकारी स्कूलों में चलाई जाने वाली योजना मिड डे मील यानी मध्यान्ह भोजन योजना की शुरूआत तो छोटे और गरीब बच्चों की मदद करने के लिए हुई थी, लेकिन इसमें शामिल अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने इस योजना को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है, आये दिन इसको लेकर शिकायतें आती रहती हैं, ताजा मामला यह है कि गुरुवार को इटवा ब्लाक अंतर्गत सरकारी स्कूल सेमरा में बच्चों के थाली में केवल दाल परोसा गया है। और चावल का टुकड़ा भी थाली में नहीं है।

इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है, नाम न छापने के शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी स्कूल सेमरा में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाला भोजन शुद्धता एवं मीनू के हिसाब से नहीं परोसा जा रहा है और इतना ही नहीं स्वयं सहायता समूह के लोग मासूम स्कूली बच्चों का मध्यान्ह भोजन डकार रहे हैं। परंतु उनके विभागीय सेटिंग गेटिंग के खेल पर यह कारनामा वर्षों से चला आ रहा है। आपको बता दें कि विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चें दोपहर के स्कूल से मिलने वाले मध्यान्ह भोजन पर ही आश्रित होते हैं। इस संदर्भ में उप जिला अधिकारी इटवा कल्याण सिंह मौर्या ने बताया कि टीम गठित करके जांच किया जाएगा और दोषियों पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article