IES नर्सिंग कॉलेज की अनियमितताओं का पर्दाफाश, NSUI करेगी राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के दौरे का विरोध | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

IES नर्सिंग कॉलेज की अनियमितताओं का पर्दाफाश, NSUI करेगी राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के दौरे का विरोध | New India Times

मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में IES नर्सिंग कॉलेज, रातीबड़, भोपाल का मामला सामने आया है , जिसे सीबीआई की जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं में लिप्त पाया गया है।

NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि 4 दिसंबर 2024 बुधवार को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री IES विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं, लेकिन NSUI इसका विरोध करेगी। परमार ने कहा,
“IES नर्सिंग कॉलेज की मान्यता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। सीबीआई की रिपोर्ट में कॉलेज को डेफिसिएंट (अपर्याप्त) पाया गया है। यह छात्रों और जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसे में सरकार के शीर्ष अधिकारियों का इस कार्यक्रम में शामिल होना गलत संदेश देता है।”

NSUI के विरोध की वजह

1. IES नर्सिंग कॉलेज पर गंभीर आरोप सीबीआई जांच रिपोर्ट में खुलासा: कॉलेज का कुल क्षेत्रफल और प्रयोगशालाओं का आकार निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है।

2. प्रयोगशाला उपकरणों की कमी: जरूरी उपकरणों और सामग्री का अभाव है।

3. अनुभवहीन प्रिंसिपल: कॉलेज के प्रिंसिपल के पास इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के मानकों के अनुसार अनुभव की कमी है।

4. वाइस प्रिंसिपल अनुपस्थित: वाइस प्रिंसिपल की शारीरिक अनुपस्थिति के कारण उनकी योग्यता की पुष्टि नहीं हो सकी।

5. प्रयोगशालाओं का आकार: OBG लैब, प्री-क्लिनिकल साइंस लैब और CHN लैब का आकार निर्धारित मानकों से छोटा है।

6. मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण का अभाव: सभी छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रशिक्षण नहीं दिया गया।

सरकार की चुप्पी: जिस कॉलेज पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के गंभीर आरोप हैं, वहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री का जाना न्याय प्रक्रिया और पारदर्शिता का मजाक बनाता है।

NSUI की मांग

1. IES नर्सिंग कॉलेज की मान्यता तत्काल रद्द की जाए।
2. सीबीआई जांच के आधार पर दोषी संस्थानों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
3. छात्रों को वैकल्पिक और मान्यता प्राप्त कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाए।

4 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन का ऐलान

NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने ऐलान किया है कि यदि राज्यपाल और मुख्यमंत्री IES विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होते हैं , तो NSUI इसका जोरदार विरोध करेगी। रवि परमार ने कहा “हम छात्रों और जनता के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। फर्जी संस्थानों और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वालों को बेनकाब किया जाएगा।”

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