अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल कार्यालय में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद नर्सिंग काउंसिल ने बड़ा कदम उठाते हुए लेखापाल राहुल सक्सेना एवं डिप्टी रजिस्ट्रार चंद्रप्रकाश शुक्ला को पद से हटा दिया है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने इसे छात्रों की जीत बताते हुए कहा है कि जब तक चंद्रप्रकाश शुक्ला और राहुल सक्सेना के खिलाफ जांच समिति गठित नहीं होती, संगठन चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगा।

NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार का कहना है कि, “हमारी मांगों और प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि छात्रों और युवाओं की आवाज में ताकत है। राहुल सक्सेना और चंद्रप्रकाश शुक्ला को हटाना एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन हमारी लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक इनके विरुद्ध जांच कमेटी गठित नहीं होगी। प्रशासन को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा।

“आप को बता दें कि NSUI ने लेखापाल राहुल सक्सेना पर वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और महिला कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। संगठन ने यह भी उजागर किया कि 2018 में उनके खिलाफ धारा 354(क) और 506 के तहत आपराधिक मामला दर्ज है, जो अब भी न्यायालय में लंबित है। बावजूद इसके, उन्हें काउंसिल में पदस्थ किया गया था।
साथ ही, NSUI ने डिप्टी रजिस्ट्रार चंद्रप्रकाश शुक्ला पर रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में नियमों का उल्लंघन कर छात्रों के दस्तावेजों पर अनधिकृत हस्ताक्षर करने का गंभीर आरोप लगाया है। संगठन ने इसे प्रशासनिक अनियमितता और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करार दिया। NSUI ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक और उग्र रूप लेगा।

