राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भोपाल जिले की प्रगति अच्छी, संभाग आयुक्त ने की भोपाल जिले के कार्यों की समीक्षा | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भोपाल जिले की प्रगति अच्छी, संभाग आयुक्त ने की भोपाल जिले के कार्यों की समीक्षा | New India Times

संभाग आयुक्त श्री संजीव सिंह ने कहा है कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भोपाल जिले ने अच्छी प्रगति दर्ज की है, गति को बनाए रखें। राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। सभी अपने-अपने क्षेत्र के पटवारियों की बैठक लेकर उन्हें निर्देशित करें। जो अच्छा कार्य करेंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा तथा जो कार्य में लापरवाही बरतेंगे, उन्हें दंडित किया जाएगा।

श्री सिंह आज कमिश्नर कार्यालय के सभा कक्ष में भोपाल जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह, उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता एवं सभी संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा में पाया गया कि भोपाल जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी आई है। नामांतरण प्रकरणों का 86%, बटवारा प्रकरणों का 88% तथा सीमांकन के प्रकरणों का 88% निराकरण कर दिया गया है। धारणाधिकार के पंजीकृत 10978 प्रकरणों में से 7856 प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया है। अन्य प्रकरणों के निराकरण में भी अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। संभाग आयुक्त ने शेष प्रकरणों के भी त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

बैठक में संभाग आयुक्त द्वारा राजस्व अधिकारी न्यायालय वार राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारी प्रतिदिन अपने न्यायालय के में लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग करें। यह भी देखें की कोई प्रकरण पेशी से क्यों गिरा है। धारणाधिकार एवं स्वामित्व योजना के प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण किया जाए। भू-अर्जन के प्रकरणों में समय अवधि का विशेष ध्यान रखा जाए। इनके निराकरण में बिल्कुल भी विलंब नहीं होना चाहिए।

संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को गंभीरता से लें और उनका तत्परता के साथ समुचित समाधान किया जाए। समीक्षा में पाया गया कि सी.एम. हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में जिले की रैंकिंग पहले से बेहतर हुई है।

बैठक में बताया गया कि राजस्व महाअभियान- तीन, 15 नवंबर से प्रारंभ हुआ है जो 15 दिसंबर तक चलेगा। अभियान के अंतर्गत प्रमुख रूप से नामांतरण, बटवारा, अभिलेख दुरुस्ती, सीमांकन, परंपरागत रास्तों का चिन्हांकन, नक्शे में बटांकन, आधार से खसरे  की लिंकिंग, फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान योजना तथा स्वामित्व योजना के प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।

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