मेरा क्षेत्र मेरा परिवार: गलियों की खाक छान रहे हैं सरकार के मंत्री, कार्यकर्ताओं के मुखदर्शन से लोग परेशान | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मेरा क्षेत्र मेरा परिवार: गलियों की खाक छान रहे हैं सरकार के मंत्री, कार्यकर्ताओं के मुखदर्शन से लोग परेशान | New India Times

20 नवंबर को होने जा रहा महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव अपने आप में ऐतिहासिक चुनाव होगा। कुनबी मराठा आरक्षण आंदोलन का दमन करने वाली बीजेपी को महाराष्ट्र की सत्ता से हाथ धोना पड़ सकता है। छगन भुजबल , अतुल सावे , चंद्रकांत पाटिल , अब्दुल सत्तार , गिरीश महाजन , अजीत पवार , संजय बनसोडे , हसन मुश्रीफ़ , दिलीप वलसे , संजय राठोड़ , दीपक केसरकर , गुलाबराव पाटील , समेत अन्य मंत्री अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र से चुनकर सदन मे पहुंचेंगे इसकी कोई गारंटी नही है। दर्जनों मंत्री तीन चार पांच बार के विधायक होने के बावजूद एक एक वोट के लिए गलियों की खाक छान रहे है।

मेरा क्षेत्र मेरा परिवार: गलियों की खाक छान रहे हैं सरकार के मंत्री, कार्यकर्ताओं के मुखदर्शन से लोग परेशान | New India Times

मंत्रियों की गैर हाजिरी मे उनकी पत्नी बेटे-बेटियां दामाद साले पदयात्रा कर एक हि घर के दरवाजे पर बार बार दस्तक दे रहे हैं। रोज़ रोज़ की इस दबिशनूमा द्वार दर्शन भेट से मतदाता बेहद परेशान हो चुके हैं। महाविकास आघाड़ी के प्रत्याशी धन और मानव संसाधन के पैमाने पर इन मंत्रियों से कोसों दूर खड़े हैं। टीवी चैनल के एंकर और यू ट्यूबर्स को मंत्रियों से साक्षात्कार के लिए रात रात भर जागना पड़ रहा है। अपने संदेशों में नेता लोग ” मेरा क्षेत्र मेरा परिवार ” पर लंबी प्रतिक्रिया दे कर जनता को भावना प्रधान बनाकर वोट हासिल करने का जुगाड चला रहे है। एक भी मंत्री अपने क्षेत्र से दूर नहीं रह पा रहा है।

कई नेता किराए पर बुक कर रखे हेलीकॉप्टर से दिनभर उड़कर रात के अंधेरे में अपने निर्वाचन क्षेत्र में डैमेज कंट्रोल के लिए लैंड कर रहे हैं। कुछ दिन पहले बारामती कन्हेरी में प्रचार के दौरान अजीत पवार के रोने का वीडियो जनता ने देखा। हम दावे के साथ कहते हैं कि कल और भी मंत्री अजीत पवार का अनुकरण करते नज़र आएंगे। नवाब मलिक की उम्मीदवारी को लेकर बीजेपी की ओर से किया गया ड्रामा इसका बेस्ट नमूना है।

शिक्षण, आरक्षण, रोजगार,  खेती-किसानी, महंगाई, कानून-व्यवस्था पर लड़े जा रहे इस चुनाव को आम लोगों ने महाराष्ट्र के सम्मान से जोड़ दिया है। जलगांव से तीनों कैबिनेट मंत्री बड़ी मार्जिन से जीतने का दंभ तो भर रहे हैं लेकिन मुंबई का रास्ता अब किसी के लिए आसान नहीं रहा है। तीनों मंत्रियों के सीटों पर महाबंपर वोटिंग होता है तो आने वाले नतीजे लोकतंत्र की सुंदरता में चार चांद लगा देंगे।

जामनेर सीट से 10 प्रत्याशी: महाराष्ट्र की 288 सीटों में सबसे प्रतिष्ठित सीट जामनेर से कुल 10 प्रत्याशी मैदान में है। यहां भाजपा के गिरीश महाजन और महाविकास आघाड़ी के दिलीप खोड़पे सर के बीच मुख्य संघर्ष है। पाठकों की सुविधा के लिए हमने खबर मे प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट प्रकाशित की है।

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