नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रणीत महायूती और कांग्रेस प्रणीत महाविकास आघाड़ी में सीटों के बटवारे को लेकर बैठकों का दौर जारी है। भाजपा नेता गिरीश महाजन के खिलाफ़ लड़ने के लिए NCP (शरदचंद्र पवार) ने भाजपा के पूर्व नेता और कुनबी समाज से आनेवाले दिलीप खोड़पे को मैदान में उतारने की पूरी तैयारी कर ली है। जामनेर कांग्रेस की एक टीम मुंबई में जा कर बैठी है जो अमेठी पैटर्न को अमल में लाने के सपने संजोकर न जाने किस के लिए टिकट की मांग कर रही है। जामनेर में विपक्ष के नेताओं में एक खूबी यह है कि वह पांच साल तक संगठन को मजबूत नहीं करते और चुनाव के मुहाने विधायक के टिकट के लिए एक दूसरे को ओवर टेक करते हैं। 2014 का चुनाव सभी दल अलग अलग लड़े तब कांग्रेस की प्रत्याशी ज्योत्स्ना विसपुते को पंजा निशानी पर महज 2 हजार वोट मिले थे।

तत्कालीन अविभाजित शिवसेना उम्मीदवार सुभाष तंवर ने 14 हजार वोट हासिल किए, दोनों की डिपॉजिट जब्त हो गई थी। 2009 में कांग्रेस को संजय गरुड़ के नामांकन के बलबूते 83 हजार वोट मिला था। कांग्रेस इसी वोट प्रतिशत और मेरिट के हिसाब से कांग्रेस प्रणीत गठबंधन से टिकट मांगती रहती है। लेकिन 2014 के अपने लचर परफॉर्मेंस पर चुप रहती है। जामनेर में कुनबी -मराठा समाज से आनेवाले प्रत्याशी की गुणवत्ता तथा आभा देख कर हि बहुजन समाज का हर एक सामान्य वोटर अपना वोट देता आया है। यह वोट कुल वोटिंग में कभी भी 70 हजार के नीचे नहीं आया।
जामनेर की सीट कांग्रेस के पाले में ला कर कांग्रेस यहां अमेठी लोकसभा का नतीजा चाहती है जो मुमकिन नहीं है। ज्ञात हो कि अमेठी में राहुल गांधी के वफादार साथी किशोरी लाल शर्मा ने कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को लोकसभा चुनाव में हरा दिया। समाजवादी पार्टी के संबल के कारण कांग्रेस यह करिश्मा कर सकी। दिलीप खोड़पे कल NCP (शरदचंद्र पवार) में शामिल होने जा रहे हैं।सच में MVA के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर कोई गतिरोध पैदा हुआ है तो उसे किसी बड़े नेरेटिव में तब्दील होने के पहले सुलझाया जाने की मांग कार्यकर्ताओं की ओर से की जा रही है। शिवस्वराज्य यात्रा के लिए जलगांव पधार रहे NCP प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल आधिकारिक तौर पर खोड़पे की उम्मीदवारी का ऐलान कर सकते हैं।

