वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
फाइलेरिया उन्मूलन व कृमि मुक्ति अभियान का शुभारंभ शनिवार को सीएमओ कार्यालय में सदर विधायक योगेश वर्मा द्वारा फीता काटकर किया गया। वहीं सदर विधायक योगेश वर्मा और सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता द्वारा फाइलेरिया से बचाव की दवा भी मौके पर खाई गई। इस दौरान उन्होंने एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में प्रशिक्षु एएनएम सहित मेहता मिलेनियम प्रशिक्षु एएनएम व एनएसएस की छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
सदर विधायक योगेश वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा लोगों को फाइलेरिया रोग से बचने और एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को व किशोर-किशोरियों को पेट में होने वाले कीड़ों के नुकसान से बचने के लिए इन दोनों अभियानों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। फाइलेरिया एक ऐसा रोग है, जिसका बचाव तो है परंतु होने के बाद इसका इलाज नहीं है ऐसे में बचाव हेतु जो दवा खिलाई जा रही है, उसे अवश्य खाना चाहिए। 10 अगस्त से 2 सितम्बर तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के अन्तर्गत जनपद में एमडीए/आईडीए कार्यक्रम चलाया जायेगा।
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि फाइलेरिया रोग क्यूसिक मच्छर के काटने से होने वाला एक तरह का संक्रामक रोग है जिसे हाथी पांव/एलीफैन्टेसियासिस के नाम से भी जाना जाता है। जिनके लक्षण पैरों में सूजन, हाथ में सूजन, पुरूषों में हाइड्रोसील व महिलाओं के स्तनो में सूजन होती है। विगत वर्ष में 2890 रोगी जनपद में पाये गये जिसे देखते हुये इस कार्यक्रम को और वृहद रूप से चलाया जा रहा है। आईडीए 2024 जनपद के 10 ब्लाकों नकहा, बेहजम, फरधान, फूलबेहड़, रमियाबेहड़, पलिया, कुम्भी (गोला), मोहम्मदी, पसगवां एवं धौरहरा में संचालित किया जाना है। जिन पांच ब्लाकों में आईडीए संचालित नहीं किया जा रहा है। वहां राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन हो रहा है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ अमित सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 10 अगस्त को किया गया। कार्यक्रम के तहत जिले भर में स्कूल व आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को यह दवा खिलाई जाएगी। जनपद के 5 ग्रामीण ब्लॉकों बांकेगंज, बिजुआ, मितौली, निघासन, ईशानगर एवं लखीमपुर अर्बन में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान 10 अगस्त 2024 व मापम दिवस 14 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा। बच्चों में पेट के कीड़े उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं।
इनके प्रभावों से बच्चों को बचाने के उद्देश्य से हर वर्ष जनपद में शासन के निर्देश पर यह अभियान चलाया जाता है। इस दिन स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को अल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी, ताकि वह पेट के कीड़े से मुक्त हो सके। पिछले वर्ष 1911717 बच्चों/किशोर किशोरियों को एलबेंडाजोल खिलाई गयी थी वही इस वर्ष 6 ब्लॉकों के लिये 8 लाख 40 हजार का लक्ष्य निर्धारित है। कार्यक्रम में यूनानी एवं क्षेत्रीय अधिकारी डॉ हरिवंश, एसीएमओ डॉ अनिल कुमार गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद वर्मा व डॉ अमितेश, डॉ लालजी पासी, डॉ अमित सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी हरि शंकर वर्मा, एनएसएस क्वाडीनेटर डॉ सुभाष चंद्रा, दावा लामा, अनुज प्रताप सिंह, डॉ अक्षत अग्रवाल, सचिन गुप्ता, कार्तिकेय मिश्रा मौजूद रहे।
फाइलेरिया परजीवी है तो मिलेंगे यह लक्षण
जिन व्यक्तियों में फाइलेरिया के परजीवीं होते हैं, उन व्यक्तियों में दवा के सेवन के बाद चक्कर आना, जी मिचलाना, उल्टी आना या हल्का बुखार आदि लक्षण आ सकते हैं, जो कि एक से दो घण्टें में सामायन्ता समाप्त हो जाते हैं गम्भीर समस्या के समाधान हेतु ब्लाक व जनपद स्तर पर रैपिड रिस्पान्स टीम का गठन किया गया है।
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