मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

हमारे बुरहानपुर शहर मदीनातुल औलिया बुरहानपुर दारूस सुरूर की खुश किस्मती रही है कि बाबे दक्कन बुरहानपुर में भारत की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त स्पिरिचुअल शख्सियत का वर्ष भर आगमन होता रहता है। और इन हस्तियों का फ़ैज़ ए आम जारी व सारी रहता है। इसी क्रम में नबीरा ए आला हज़रत ताजुल फुहुल रहमतुल्ला अलेह बदायूं शरीफ यूपी के शहज़ादे ताजदारे अहले सुन्नत हज़रत अल्लामा अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ़ क़ादरी अज़हरी किबला (सज्जादा नशीन आसताना ए आलिया क़ादरिया) बदायूं शरीफ यूपी का दिनांक 19 अगस्त 2024 को रात्रि 10:30 बजे पंजाब मेल से बुरहानपुर शुभ आगमन हो रहा है।
एडवोकेट उबैद शेख़ वकील साहब ने बताया कि हज़रत 19 एवं 20 की रात और 20 का दिन बुरहानपुर में उनके गरीब खाने पर रुक कर आम जनता को दर्शन लाभ देने के बाद 21 अगस्त की सुबह सड़क मार्ग से महाराष्ट्र के दौलताबाद के लिए रवाना होंगे और वहां भारत के प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत बहाउद्दीन अंसारी शत्तारी क़ादरी के दिनांक 25 और 26 अगस्त 2024 को आयोजित होने वाले उर्स में दरगाह शरीफ़ के सज्जादा नशीन की हैसियत से शिरकत करके अपनी निगरानी, मार्गदर्शन और सरपरस्ती में उर्स संपन्न कराएंगे।
हज़रत बहाउद्दीन अंसारी शत्तारी क़ादरी 523 साल पहले भारत आए थे। आपका मज़ार महाराष्ट्र के दौलताबाद में स्थित होकर भारत की संस्कृति साझा विरासत और एकता का प्रतीक माना जाता है। आस्ताना ए आलिया ताजुल फुहूल रेहमत उल्लाह अलेह बुदायूं शरीफ़ के सज्जादा नशीन हज़रत अल्लामा अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ क़ादरी अज़हरी किबला की सरपरस्ती, निगरानी और मार्गदर्शन में एक बड़ा मदरसा संचालित होता है जिसमें हजारों लोग शिक्षा प्राप्त करके लाभान्वित होते हैं। हज़रत इस्लाम धर्म के खुलफ़ा ए राशेदीन हज़रत उस्मान गनी के वंशज हैं।

