अरशद आब्दी / सूरज कुमार, झांसी, NIT;
आपराधिक घटनाएं रोकने के लिए झांसी जीआरपी ने कमर कस ली है। क्षेत्र में 105 हिस्ट्रीशीटरों को चिह्नित किया गया है, जिन पर लगातार निगाह रखी जा रही है। पड़ोसियों से भी उनकी गतिविधियों की जानकारी ली जा रही है। पेशेवर अपराधियों पर गैंगेस्टर लगाने की भी तैयारी की चल रही है।
झांसी जंक्शन से प्रतिदिन 100 से एक 120 सवारी ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे में प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आना-जाना भी लगा रहता है। ऐसे में यहां बदमाशों ने भी अपने पांव पसार लिए हैं।
लगातार हो रहीं घटनाओं को देखते हुए आईजी ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद से अनुभाग में चिह्नित 105 हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अवैध व आपराधिक तरीकों से धन अर्जित करने वाले अपराधियों की संपत्ति भी कुर्क करने की कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। जेल में बंद और जमानत पर रिहा हिस्ट्रीशीटरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। जेल से बाहर आने के बाद इनकी हर गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। साथ ही अपराधियों के मोबाइल भी ट्रेस किए जा रहे हैं। संदिग्धता नजर आने पर तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इसके अलावा, जीआरपी सिविल पुलिस का भी सहयोग लेगी हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखेगी। पेशेवर अपराधियों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाएगी।कुली और वेंडरों का होगा सत्यापनस्टेशनों पर तैनात कुली, वेंडरों सहित अन्य कर्मचारियों का दिसंबर तक सत्यापन किया जाएगा। स्टेशन के आसपास झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों की भी जांच कराई जाएगी। ट्रेनों में चलने वाले कोच अटेंडेंट भी जांचे जाएंगे।
डा. ओपी सिंह, एसपी रेलवे के अनुसारझांसी 23, ललितपुर 04, उरई 15, भीमसेन 07, महोबा 11, बांदा 27, कर्वी 06, मानिकपुर 12 हिस्ट्रीशीटर हैं।
