मकसूद अली, अहमदनगर (महाराष्ट्र), NIT;
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहमदनगर और औरंगाबाद जिलों में किसानों पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है साथ ही उन्होंने अगले साल फरवरी माह में किसानों के मुद्दों और भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
गुरुवार को अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों पर पुलिस की कार्रवाई उनके प्रति राज्य सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। अन्ना हजार ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार अपने वादों के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सकी है।
गौरतलब है कि गन्ना उत्पाद के लिए 3100 रुपये प्रति टन का मूल्य निर्धारित करने की मांग को लेकर किसानों ने बुधवार को अहमदनगर और औरंगाबाद जिलों में आंदोलन किया था। बाद में यह आंदोलन उग्र हो गया था। आंदोलनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई और पुलिस ने आंदोलनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोडे और हवा में गोलियां भी चलाईं। इस घटना में दो किसानों के साथ कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
अन्ना हजारे ने कहा कि गन्ना किसानों पर पुलिस की कार्रवाई दर्शाती है कि प्रदेश सरकार किसानों के प्रति कितनी संवेदनहीन है। हजारे घायल किसानों का हालचाल पूछने के लिए गुरुवारको अहमदनगर के अस्पताल भी गए। उन्होंने कहा कि बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार अपनी योग्यता साबित करने में विफल रही है। हजारे ने कहा कि बीजेपी ने देश से भ्रष्टाचार और गरीबी को हटाने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने संसद में अपने पूर्ण बहुमत का फायदा उठाकर लोकपाल विधेयक में बदलाव कर उसे पारित कर दिया जिससे लोकपाल और लोकायुक्त संस्था कमजोर हो गई।
केंद्र सरकार के कामकाज पर उनकी चुप्पी के बारे में सवाल किए जाने पर अन्ना हजार ने कहा कि मौजूदा सरकार को अभी कुछ और समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका राष्ट्रव्यापी आंदोलन अगले साल फरवरी से शुरू होगा और उससे पहले वह देशभर में घूमकर युवाओं से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील करेंगे ।
