ज़िला न्यायाधीश श्री इन्दु कान्त तिवारी के प्रयासों से बेसहारा बुजुर्ग को रोटी बैंक वृद्धाश्रम में आश्रय मिला | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ज़िला न्यायाधीश श्री इन्दु कान्त तिवारी के प्रयासों से बेसहारा बुजुर्ग को रोटी बैंक वृद्धाश्रम में आश्रय मिला | New India Times

विकास खंड खकनार के ग्राम मांजरोद खुर्द की निवासी 70 वर्षीय सुनीताबाई को रोटी बैंक वृद्धाश्रम में आश्रय मिला है। बुरहानपुर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री इन्दुकान्त तिवारी को जब इस बेसहारा बुजुर्ग की हालत की जानकारी मिली तब उन्होंने तुरंत उसकी सहायता के लिए प्रयास शुरू किए। उक्त बुजुर्ग महिला का जन्म 1945 को हुआ है। उसके पास रहने के लिए ग्राम मांजरोद खुर्द में छोटा-सा घर तो है, लेकिन घर की छत पर लगे टीन के पत्रों की हालत जर्जर हो चुकी है। सारे टीन को पूर्णतः जंग लग चुका है। छत की सहारा बनी बल्लियां अपना स्थान छोड़ कर गिर गई है। मिट्टी की दीवारे धंस चुकी है। टूटी फूटी बाल्टियों में कीट पतंगे मरे पड़े हैं,तो मटके में मकड़ियां जाल बनाकर बैठी है। ऐसे हालात से परेशान इस गरीब बुजुर्ग महिला को आंखों से भी कम दिखाई देता है। घर के आस पास के कुछ सज्जन परिवार उसे भोजन देते भी है तो गली के आवारा कुत्ते उसकी थाली में ही अपना हिस्सा खा लेते है।

ज़मीन पर ही बिना बिस्तर के सोने वाली इस महिला को सांप बिच्छू आदि के काटने का डर हमेशा बना रहता है। ऐसी तकलीफ भरा जीवन जीने वाली इस बुजुर्ग महिला की जानकारी जब जिला न्यायाधीश माननीय श्री इन्दुकान्त तिवारी जी को मिली तब उन्होंने ताबड़तोप इस पर चिंता करते हुए रोटी बैंक वृद्धाश्रम के संचालक संजय सिंह शिन्दे को बुलाकर उस महिला को आश्रम में रखने को कहा गया है। उस बुजुर्ग महिला को आंखों से कम दिखाई देता है इसलिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी को एक पत्र लिखकर तुरंत उचित इलाज करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया। जल्द ही इस लाचार महिला के आंखों की जांच के पश्चात उचित इलाज होने के बाद उसे अच्छा दिखाई देने लग सकता है जिससे की उसके दिनचर्या के काम करना उसे आसान हो जायेगा। अभी रोटी बैंक वृद्धाश्रम के कर्मचारी उसकी सभी प्रकार से देखभाल कर रहे हैं।

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