रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, इन्दौर/भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की करारी हार को लेकर 2 दिनों की समीक्षा के बाद अब बड़ी सर्जरी होगी। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने दो दिनों तक नेताओं से की वन टू वन चर्चा। नेताओं से फीडबैक के बाद बड़े फैसले लिए जाएंगे।

इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को दिल्ली में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मध्य प्रदेश में युवाओं को फ्री हैंड देने के लिए वरिष्ठ नेताओं को दूर किया जाएगा। फैक्ट फांइडिंग कमेटी को संगठन और नेतृत्व की कमजोरी की भी शिकायत मिली है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के पास ब्राह्मण, क्षत्रिय और दलित प्रभावी चेहरे नहीं हैं।
दलबदल को लेकर भी नेताओं की तरफ से शिकायत हुई है
पार्टी छोड़ते वक्त नेताओं को समझाने वाला कोई नहीं था अलग-अलग वर्ग के नेताओं को जल्द मौका देकर आगे लाया जाएगा। जल्द ही विधायकों से भी फैक्ट फाइंडिंग कमेटी मुलाकात करेगी। जुलाई के अंतिम हफ्ते में एआईसीसी (AICC) को कमेटी रिपोर्ट सौंपेगी।
मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के कारणों को जानने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर गठित फैक्ट फांइडिंग कमेटी के तीन सदस्यों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नेताओं से चर्चा की है। आज से शुरू हो रहा विधानसभा का मॉनसून सत्र में विपक्ष नर्सिंग घोटाले पर स्थगन प्रस्ताव लाएगा।
