भारत में बेगुनाह मुसलमानों के माॅबलिंचिंग के विरोध में राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन | New India Times

अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

भारत में नफरत वादी संगठनों के द्वारा गौ हत्या, लव जिहाद जैसे निराधार आरोप लगाकर की जा रही बेगुनाह मुसलमानों की माॅबलिंचिंग हत्याओं के विरोध में राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयुक्त तत्वाधान में एक ज्ञापन जिला अधिकारी मथुरा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को प्रेषित किया गया है।
उक्त ज्ञापन में निम्न आरोपों को अंकित करते हुए संवैधानिक कार्यवाही की मांग की गई है। मुहम्मद फरीद उर्फ औरंगजेब, गुड्डू खान, चांद मियां खान, सद्दाम कुरैशी, प्रतापगढ़ के जमीयत उलमाए हिंद के जिला अध्यक्ष मौलाना फारूक कासमी, मुरादाबाद के भेसिया गांव की मस्जिद के इमाम मौलाना अकरम की निर्ममता पूर्वक की गई माॅबलिंचिंग और हत्याएं एवं उत्तराखंड के समीर उर्फ सिद्धार्थ चतुर्वेदी के द्वारा कुरान का अपमान करते हुए जानबूझकर वीडियो वायरल किया गया ताकि देश में हिंदू और मुसलमान के नाम पर धार्मिक दंगा भड़काया जा सके तथा लखनऊ उत्तर प्रदेश स्थित अकबरनगर में पिछले 70 सालों से रह रही है बड़ी आबादी के 1200 मकान को बीते सप्ताह में सरकार के द्वारा अवैध बस्ती बताकर तोड़ दिया गया जबकि सरकार द्वारा मूलभूत सुविधाए बिजली, पानी, सड़क, स्कूल और पीएम आवास दिए गए थे ऐसी बस्ती को अवैध बताकर उनके घर और मकानों को तोड़कर उन्हें विस्थापित कर उनको मौलिक एवं नैसर्गिक अधिकार से वंचित कर दिया गया।

ज्ञापन में जो मांगे की गई हैं वह निम्नवत हैं:
1. हत्या के दोषियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कम से कम समय में फांसी या आजीवन कारावास की सजा दी जाए ताकि दूसरा कोई व्यक्ति इस तरह के जघन्य अपराधिक घटना करने की सोच भी ना सके।
2. जिन निर्दोष व्यक्तियों की हत्याएं की गई हैं उनके आश्रितों को मुआवजे के तौर पर एक एक करोड़ रुपये, एक सरकारी नौकरी और उनके परिवार को स्थाई सुरक्षा दी जाए साथ ही शासन प्रशासन के द्वारा उनके बच्चों के पढ़ने की पूरी व्यवस्था की जाए।
3. पूरे देश भर में इस तरह के अपराधों को संरक्षण व बढ़ावा देने वाले संगठनों पर यथाशीघ्र पाबंदी लगाई जाए जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।
4. जिन परिवारों को गैरकानूनी कार्रवाई के माध्यम से बेघर किया गया है ऐसे परिवारों को यथाशीघ्र जमीन आवंटित कर उस पर भवन निर्माण करा कर हुए नुकसान की प्रतिपूर्ति करते हुए उनका पुनर्वास किया जाए।
5. असंवैधानिक तरीके से विस्थापित किए गए विस्थापितों को शारीरिक मानसिक और आर्थिक क्षति के रूप में 50 लाख रुपया मुआवजा के तौर पर दिया जाए।
6. इस्लाम धर्म से जुड़ी हुई समस्त धार्मिक धरोहरों प्राचीन व नई एवं धर्म ग्रंथों को संरक्षण प्रदान किया जाए जिससे कि कोई नफरती व्यक्ति धार्मिक स्थलों को क्षति न पहुंचा सके एवं इस्लाम धर्म से जुड़े धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर किसी भी तरह की कोई टीका टिप्पणी न कर सके साथ ही इस पर कठोर कानून बनाया जाए।
उपरोक्त मांगों पर तत्काल प्रभाव से यदि कार्रवाई नहीं की गई तो भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष जितेंद्र निषाद, प्रदेश उपाध्यक्ष क्षेत्रपाल सिंह निषाद, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के चौधरी इसराइल खान, डॉ अंबेडकर सामाजिक अधिकार मंच के संस्थापक अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, भारत मुक्ति मोर्चा के मोहन सिंह, ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश के जिलाध्यक्ष मौ. तौफीक, बहुजन मुक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष मैराज अली, मेहताब सिंह, बबलू कुरैशी, कैलाश बौद्ध, पूर्व सभासद गब्बर कुरैशी, इमरान कुरैशी, रईस अहमद, बिजेंदर बौद्ध, वसीम अहमद, सलीम खान, अब्दुल रशीद नेताजी, मुस्तकीम कुरैशी, मनीराम, इब्बो नेताजी, हाशिम कुरैशी, श्यामवीर, मौ. शाकिर कुरैशी, मनीष कुमार आदि लोग मौजूद रहे।


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