एम्स होता तो बच जाती कई जानें: अदिति सिंह | New India Times

सलमान चिश्ती, रायबरेली (यूपी), NIT; ​एम्स होता तो बच जाती कई जानें: अदिति सिंह | New India Timesरायबरेली जिला के ऊंचाहार में बुधवार को एनटीपीसी में बॉयलर फटने से कई दर्जन लोगों की जहाँ मौत हुई वहीं सैकड़ों घायल हुए, इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए सदर विधायिका अदिति सिंह ने कहा कि पिछली यूपी सरकार की ओर से रायबरेली में 1100 बेड के अत्याधुनिक एम्स के निर्माण का काम शुरु किया गया था ताकि आसपास के जिले के लोगों को बेहतर इलाज मिल सके लेकिन पिछले 3 सालों में एम्स के विकास का 3 प्रतिशत काम भी नहीं हो सका। अगर एम्स के विकास कार्यों में ध्यान दिया गया होता तो शायद एनटीपीसी हादसे का शिकार हुए कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। यह बातें आज एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान विधायिका ने कही।

ऊँचाहार की भयावह घटना पर सदर विधायिका अदिति सिंह ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय से एम्स जिले में बन जाता तो इतनी मौते शायद न होती । उन्होंने कहा कि इस घटना पर वह किसी तरह की राजनीति नही कर रही है और न ही नेताओ की तरह बाते कर रही है । लेकिन पिछली यूपीए सरकार के समय से प्रस्तावित 1100 बेडो का एम्स के विकास पर इस सरकार में दो प्रतिशत भी काम नही हुआ ।उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा सरकार में जनता से जुड़े विकास के कार्यो में राजनीति की गई है यह नही होनी चाहिये लेकिन रायबरेली के एम्स में यही हुआ है ।तभी तो रायबरेली एम्स के बजट में भी कटौती की गई ।सदर विधायक ने कहा की केंद्र सरकार द्वारा एक ओर गोरखपुर में एम्स के शिलान्यास किया जाता है लेकिन रायबरेली एम्स के बजट उपलब्ध नही कराया जाता है । उन्होंने कहा यह गन्दी राजनीत है इससे जनता हलकान होगी । सुश्री सिंह ने कहा कि एम्स के निर्माण में पहली किश्त 170 करोड़ मिलने के बाद से बजट न मिलने के कारण एम्स का विकास कार्य ठप पड़ गया ।वर्ष 2009 में केंद्र सरकार की ओर से रायबरेली में एम्स के निर्माण की मंजूरी दी गई थी । जिसके निर्माण के लिये 829 करोड़ का बजट निर्धारण किया गया था ।इसके बाद वर्ष 2012 में 97 एकड़ जमीन एम्स के लिये अधिग्रहित हुई ।लेकिन 57 एकड़ जमीन का अधिग्रहण अभी बाकी पड़ा है । उन्होंने बताया कि जुलाई 2015 में प्रोजेक्ट का बजट 1427 करोड़ रुपये किया गया । लेकिन 170 करोड़ मिलने के बाद अगले बजट की मंजूरी केंद्र की व्यय वित्त समिति द्वारा नही दी गई । सदर विधायक ने सरकार से सवाल पूछा कि जनता के साथ खिलवाड़ करने के लिये भाजपा की यह राजनीति नही है तो और क्या है ? सुश्री सिंह ने कहा कि रायबरेली और आस पास के लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करने के उद्देश्य से कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद सोनिया गांधी ने एम्स की नींव रखी थी । परन्तु भाजपा सरकार में इस एम्स के विकास के लिए कोई ध्यान नही दिया गया ।उन्होंने कहा कि एम्स को लेकर खुद उन्होंने कई बार धरना दिया है किंतु केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नही रेगी । उन्होंने बताया कि 14 करोड़ खर्च होने के बाद भी एम्स की ओपीडी तक सुचारू रूप से नही चल सही । सदर विधायक ने कहा कि अब एम्स के लिये वो जनता के साथ खुद सड़को पर उतरेगी और जनता को उसका हक दिलाकर रहेगी । सुश्री सिंह ने ऊँचाहार घटना पर कहा कि अभी निर्माण कार्य अधूरा था लापरवाही के चलते कई परिवार उजड़ गये । जिसकी जांच होनी चाहिए ।

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