होली में जेब खाली, जनता में महंगाई की मार | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:

होली में जेब खाली, जनता में महंगाई की मार | New India Times

यूपी के अंबेडकर नगर में होली के त्यौहार को लेकर उत्साह दिखना शुरू हो गया है। इसी उत्साह के साथ-साथ कमर तोड़ महंगाई जनता परेशान दिख रही है। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर केंद्र सरकार द्वारा डीजल पेट्रोल रसोई गैस में कुछ राहत तो दी है मगर जनता को यह राहत रास नहीं आ रही है। लोगों का कहना है यह चुनाव का समय है इसीलिए डीजल पेट्रोल रसोई गैस सस्ती हुई है चुनाव की बात महंगाई की मार जनता पर पड़ने वाली है।शहजादपुर अकबरपुर बाज़ार पूरी तरीके से गुलजार है।

बाजारों में ग्राहकों के लिए तरह-तरह की पिचकारिया और और नई नई चीजें उपलब्ध है। ताकि ग्राहक होली का आनंद भरपूर तरीके से ले सकें। अंबेडकर नगर जिले  के हर छोटे-बड़े चौराहों पर दुकानें सज गई हैं और ग्राहकों को लुभाने के लिए लोग तरह-तरह के कलर और अनोखी पिचकारी भी रख रहे हैं। हालांकि कुछ जगहों पर अभी त्यौहार को लेकर उत्साह कम दिख रहा है। ऐसे में व्यापारियों को बेहतर व्यापार की उम्मीद है। बाजारों में त्यौहारों को लेकर हर बार की तरह इस बार भी उत्साह के साथ-साथ उदासीनता दिख रही है। की व्यापार में नुकसान ना हो क्योंकि महंगाई का बहुत बड़ा असर दिखाई दे रहा है।

मार्केट में इस बार ग्राहकों के लिए बिना केमिकल के बने रंग के साथ गुलाल, अबीर, टी-शर्ट कुर्ते, पजामे के साथ होली के रंग में रंगने वाली टोपिया भी उपलब्ध है। इसके साथ ही स्प्रे कलर सहित कई प्रकार के अलग-अलग डिजाइनर मुखौटे भी ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। बच्चे दुकानों पर आकर्षित हो सके, इसके लिए छोटा भीम सहित अन्य गुड्डे गुड़ियों के आकार में टोपियां स्प्रे कलर और छोटा भीम मुकुट की बाजार में बिक्री ज्यादा देखी जा रही है। बच्चे भी इसी मुकुट व स्प्रे कलर की तरफ आकर्षित हो रहे है। व्यापारियों के हिसाब से व्यापार में कोई बढ़ोतरी दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि होली 25 मार्च को है।


Discover more from New India Times

Subscribe to get the latest posts to your email.

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading