हज यात्रा-24 को मिसाली हज बनाएं: केंद्रीयमंत्री स्मृति ईरानी | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

हज यात्रा-24 को मिसाली हज बनाएं: केंद्रीयमंत्री स्मृति ईरानी | New India Times

ऑल इण्डिया हज वेलफेयर सोसायटी के राष्ट्रीय चेयरमैन मुकीत खान (खंडवा) ने अपने द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अल्पसंख्यक मामलों की केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी को धन्यवाद देते हुए मांग की है हज यात्रा-24 को मिसाली हज बनाने की पुरजोर कोशिश की जानी चाहिए।

श्री खान ने कहा कि इस वर्ष समय पर हज आवेदन प्रारम्भ होना, भारतवर्ष के कोटे में वृद्धि, मंत्री महोदया का सऊदी अरब दौरा, जिसमें बहुत से अनुबंधों के साथ हज यात्रा को सुविधाजनक बनाने का संकल्प, प्राइवेट हज टूर्स आर्गेनाइज़र को समय पर हज कोटे का आबंटन, हज सुविधा एप लॉन्च किया जाना, महरम का अतिरिक्त कोटा आदि निःसंदेह भारतवर्ष से जाने वाले हज यात्रियों के हित में सराहनीय कदम है।

सोसायटी चेयरमैन श्री मुकीत खान ने केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री से मांग की है कि हज आवेदकों से तीसरी व अंतिम किश्त के रूप में जमा कराई जाने वाली राशि कम से कम दी जाए ताकि हज को सस्ता व सुगम बनाया जा सके। हवाई किराए में कमी की जानी चाहिए। श्री खान ने वर्ष 2022 तक हज कमेटी के माध्यम से प्रति हज यात्री को दी जाने वाली 2100 सऊदी रियाल की व्यवस्था को दोबारा से शुरू किये जाने की मांग उन्होंने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री से की है।

उल्लेखनीय है की गत वर्ष सऊदी रियाल को लेकर हज यात्रियों को काफ़ी मानसिक परेशानी से जूझना पड़ा था, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के आवेदकों को रियाल के नाम पर भारी नुकसान उठाना पड़ा था। सऊदी रियाल हज कमेटी आफ़ इंडिया के ज़रिये दिए जाने की वर्षों पुरानी परंपरा एवं व्यवस्था है जिसे बैंक के कर्मचारी अंतिम चरण में एयरपोर्ट के भीतर, हाजियों की उड़ान के हज यात्रियों को उपलब्ध कराते थे।

श्री खान ने मक्का (सऊदी अरब) में हज यात्रियों की रिहाईश की अलग-अलग श्रेणी पिछले वर्षों की तरह दोबारा शुरू किये जाने, मुआल्लिम फीस को कम किए जाने व भारतवर्ष के हज यात्रियों को ले जाने-लाने के लिए ग्लोबल टेंडर निकाल हज को सस्ता बनाए जाने की दिशा में भी उचित प्रयास किये जाने की मांग की है।

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