कीटनाशक के जहर से यवतमाल जिला में 18 किसान और खेतिहर मजदूरों की मौत | New India Times

मकसूद अली, यवतमाल ( महाराष्ट्र ), NIT; ​
कीटनाशक के जहर से यवतमाल जिला में 18 किसान और खेतिहर मजदूरों की मौत | New India Timesविदर्भ के किसानों के लिए अच्छे दिन तो कोसों दूर दिखाई दे रहे है। लोकसभा चुनाव के दौरान विदर्भ के जिस यवतमाल जिले की ज़मीन पर खड़े होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिनों का वादा किया था। इसी इलाके के किसान सबसे ज्यादा परेशान है। कृषि उपज को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक दवाई के दुष्प्रभाव से जुलाई महीने से लेकर अब तक करीब 18 किसानों की मौत हो चुकी है।​कीटनाशक के जहर से यवतमाल जिला में 18 किसान और खेतिहर मजदूरों की मौत | New India Timesकीटनाशक के जहर से यवतमाल जिला में 18 किसान और खेतिहर मजदूरों की मौत | New India Timesकीटनाशक के जहर से यवतमाल जिला में 18 किसान और खेतिहर मजदूरों की मौत | New India Timesबुधवार को राज्य के कृषि राज्य मंत्री सदाभाऊ खोत जिले के दौरे पर आए थे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने कीटनाशक की वजह से मृत किसान और खेत मजदूरों के परिजनों से मुलाकात की। जिले के आर्णी तहसील के सेंदूरसनी गांव के मृत किसान दीपक मडावी के परिवार से मिलकर मंत्री ने अपनी सांत्वना व्यक्त करने से साथ ही सरकार से मदत करने का भरोषा दिलाया। अपने दौरे में खोत इसी समस्या पर अधिकारियो के साथ बैठक भी की।​कीटनाशक के जहर से यवतमाल जिला में 18 किसान और खेतिहर मजदूरों की मौत | New India Timesविदर्भ को किसानों के लिए समस्या की भूमि भी कहा जाये तो किसी तरह की अतिश्योक्ति नहीं होगी। ठीक इसी तरह यवतमाल जिला किसान आत्महत्या के लिए बदनाम है। लेकिन इस समय परिस्थिति से लड़ने की हिम्मत जुटाने वाले किसानों की कीटनाशक का ज़हर कमर तोड़ रहा है।

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