मतदान की हवन आहुति में मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग अवश्य करें और औरों को भी प्रेरित करें: शिक्षाविद डॉ. निकहत अफ़रोज़ | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में वोट देना, अपने मताधिकार का अपने विवेक से उपयोग करना अत्यंत जरूरी है। भारत गणराज्य में 18 वर्ष की आयु से मताधिकार प्राप्त हो जाता है, लेकिन देखा जा रहा है कि आज के युवा वोट डालने के लिए घर से निकलते ही नहीं। जबकि भारत जैसे विश्व के गणतांत्रिक देश में सबसे अहम काम होता है चुनाव में मतदान करना।

गणतंत्र एक यज्ञ की तरह होता है जिसमें मतों यानि वोटों की आहुति अहम मानी जाती है। देश में एक वोट भी सरकार और सत्ता बदलने के लिए महत्वपूर्ण होता है। विश्व इतिहास गवाह है एक वोट ने कई निर्णायक भूमिका अदा की है और एक वोट की हार जीत में विश्व में कई इतिहास लिखें हैं। वोट देकर हम अपने मत के अधिकार का उपयोग कर सकते हैं और देश को चलाने, उन्नति के शिखर पर पहुंचाने और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हम नागरिकगण अपने विवेक से धर्म गुजराती वर्ग समुदाय या भाषा से प्रभावित हुए बिना, बिना किसी प्रलोभन या लालच के निष्पक्ष रूप से अच्छे जनप्रतिनिधियों का चुनाव कर सकते हैं।

उक्त विचार नगर के डॉ. ज़ाकिर हुसैन कॉलेज बुरहानपुर से संबद्ध शिक्षाविद् एवं प्राचार्या डॉ.निकहत अफ़रोज़ ने मतदाताओं को जागरूक करने हेतु कही। उन्होंने कहा कि आपका एक कीमती वोट सरकार और सरकारों का राज तिलक करवाता है। इस लिए मिले अधिकार का उपयोग चुनाव में मतदान कर करें। साथ ही डॉक्टर निकहत अफ़रोज़ ने नागरिकों से भी अपील करते हुए निडर होकर मतदान करने की अपील की है। उन्होंने दोहराया कि मतदाता चुनाव का नायक होता है। स्थानीय ज़िला प्रशासन द्वारा कलेक्टर बुरहानपुर सुश्री भव्या मित्तल के मार्गदर्शन में लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने और मतदान का महत्व बताने के लिए भी जागरुकता अभियान भी सतत रुप से चलाया जा रहा है। मतदान का उपयोग राष्ट्र निमार्ण में सहायक होता है। फिलहाल तो यही कहा जा सकता है कि, जागो मतदाता जागो। राष्ट्र निर्माण में आने वाली 17 नवंबर को मतदान के यज्ञ में अपनी आहुतियां दें। सारे काम छोड़ दें सबसे पहले वोट दें।


Discover more from New India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

By nit

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading