मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

जिले में विश्व आदिवासी दिवस अत्यंत उत्साह, आस्था और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोगों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। जिलेभर में सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत आराध्य बड़ादेव, भगवान बिरसा मुंडा एवं आदिवासी समाज के अमर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण और पूजन-अर्चन के साथ हुई। इसके बाद शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य सांस्कृतिक रैली निकाली गई। रैली में पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवा, महिलाएं और बुजुर्ग ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते हुए आगे बढ़े। ‘जय सेवा’, ‘जय फड़ापेन’ और ‘जय आदिवासी’ के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया गया।
मुख्य सभा में वक्ताओं ने आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण में उनके योगदान तथा शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर प्रकाश डाला। साथ ही युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस दौरान प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया। रैली और सभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। पूरे आयोजन ने सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त संदेश दिया।

