फ़सल बीज बोने से पूर्व बीजोपचार ज़रूरी: किसान कल्याण विभाग | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

फ़सल बीज बोने से पूर्व बीजोपचार ज़रूरी: किसान कल्याण विभाग | New India Times

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग उपसंचालक श्री एम.एस.देवके ने जानकारी देते हुए बताया कि, चना फसल में मुरझाना (उखड़ा रोग) जैसी समस्या आती है, जो एक मृदा जनित फंगस के कारण होती है। जिसके प्रबंधन के लिए किसान निम्न उपाय कर सकते हैं। कृषि उपंसचालक श्री देवके ने जानकारी दी कि, जिस खेत में पूर्व वर्ष में सूखने की समस्या उत्पन्न हुई थी, उस खेत में चना फसल न लगायें।

उन्होंने बताया कि चना बीज प्रमाणित हो या घर का हो उसे बीजोपचार के बाद ही बुवाई करें। 30 किलो बीज की मात्रा की आवश्यकतानुसार तीन लीटर पानी गर्म करके उसमें 250 ग्राम गुड घोले। गुड़ एवं पानी के घोल को ठण्डा करके उसमें 150 ग्राम पीएसबी कल्चर एवं 150 ग्राम राइजोबियम कल्चर को गुड़ के घोल में मिलाने के बाद घोल को पूरी तरह से बीज में मिलाये बाद में रासायनिक उपचार के रूप में 30 किलो बीज के लिए 60 ग्राम थायरम एवं 30 ग्राम कार्बेन्डजिम मिलाये, जिससे की दवा पूरे बीज के ऊपर चिपक जाऐं।

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