अनंत चतुर्दशी पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र व राज्य सरकार पर जमकर साधा निशाना | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

अनंत चतुर्दशी पर अभा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकार को संबोधित करते हुए कहा कि जो दुख दर्द पीड़ा मध्य प्रदेश की जनता को है, गणपति बप्पा उसको हर कर अपने साथ ले जाएंगे।श यानी भाजपा के कुशासन की सरकार से हम सभी को मुक्त करेंगे और बप्पा की कृपा से आने वाले समय में हमें सुखद संदेश मिलेगा। रागिनी नायक ने कहा कि मन के हारे हार है मन के जीते जीत और भाजपा की टिकट वितरण प्रणाली पर जो सवाल उनकी ही पार्टी में खड़े हो रहे हैं उससे स्पष्ट है कि मन से किस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही हार मान ली है। इसलिए भाजपा में केंद्र सरकार के मंत्री और सांसदों को टिकट दिया जा रहा है। पत्रकार वार्ता के दौरान एक वीडियो दिखाया गया जिसमें कैलाश विजयवर्गीय कह रहे हैं कि वो चुनाव ही नहीं लड़ना चाहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जनता का अपमान करने वाले कैलाश विजयवर्गीय को अब जनता ही जबाव देगी। नरेंद्र सिंह तोमर सांसद और केंद्र में मंत्री होते हुए विधानसभा की टिकट मिलने पर वे खुद लगातार अपनी नाराज़गी जाता रहे हैं। टिकट वितरण की जो सूची निकल रही है, उसमें शिवराज सिंह चौहान का नाम नहीं है, कोई प्रोटोकॉल नहीं है। पार्टी में शिवराज सिंह चौहान के विरोधियों को टिकट मिल रहा है, इसलिए शिवराज सिंह पहले ही अधिकारियों को विदाई भाषण दे रहेे हैं क्योंकि वह समझ चुके हैं कि अब यह उनकी आखिरी मीटिंग है। रागिनी नायक ने कहा कि भाजपा में इतनी अफरा-तफरी मची हुई है इसलिए भाजपा के पैरों के नीचे अब सियासी जमीन ही नहीं बची है। शिवराज सिंह चौहान 18 साल से मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री हैं, लेकिन फिर भी भाजपा उन्हें चुनाव में अपना चेहरा नहीं बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी कांग्रेस के कार्याे की बात करते हैं, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के कामों की बात नहीं करते हैं। क्योंकि उससे उन्हें वोट मिलते दिखाई नहीं दे रहे है। भाजपा ही शिवराज को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने से कन्नी काट रही है? रागिनी नायक ने शिवराज सिंह जी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह कैसे मुख्यमंत्री हैं, जिन पर इनकी पार्टी को ही विश्वास नहीं है। भाजपा वाले शिवराज सिंह चौहान के नाम से क्यों बच रहे हैं? उन्हें अपना विदाई भाषण क्यों देना पड़ा? शिवराज सिंह की फ़जीहत भारतीय जनता पार्टी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह जी ने मिलकर कर दी है। रागिनी नायक ने कहा कि वहीं दूसरी ओर कैलाश विजयवर्गीय कह रहे हैं कि मेरा चुनाव लड़ने का एक प्रतिशत भी मन नहीं है, क्योंकि वो जानते है कि इस बार हार तय है। इस बार भाजपा के लोग जनता की नजरों से बचकर नहीं निकल पा रहे हैं। कैलाश विजयवर्गीय अपने पुत्र को चुनाव लड़ाना चाह रहे थे, लेकिन अब उन्हें ही लड़ने का आदेश मिल गया है। जिससे उनके लड़के का ही राजनैतिक सफर थमता हुआ नजर आ रहा है। रागिनी नायक ने कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर मध्यप्रदेश में चुनाव समिति के प्रभारी है और उन्हें ही चुनाव लड़ाया जा रहा है, यह प्रत्यक्ष प्रमाण है कि अब मप्र में शिवराज सिंह के नाम पर वोट नहीं मिलेगा, यह भारतीय जनता पार्टी को पता है। भाजपा के केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय राजनीति करने वाले ही डर रहे हैं, क्योंकि वे समझ रहे हैं कि शिवराज सिंह चौहान की वजह से वह चुनाव हार जाएंगे। रागिनी नायक ने भाजपा नेता केदारनाथ शुक्ला की टिप्पणी पर कहा कि भाजपा नेत्रियों को शायद ना बुरा लगा हो लेकिन मुझे बुरा लगा है। क्योंकि केदारनाथ शुक्ला व्यक्तिगत राजनीति की वजह से भाजपा नेत्री पर सवाल उठा रहे हैं कि वह कैसे टिकट ले कर आ गई है? यह किस प्रकार की डबल मीनिंग की बात वह कर रहे हैं। शुक्ला की बातों पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को आपत्ति ना हो, लेकिन मुझे है, क्योंकि उनका महिला विरोधी कथन भारतीय जनता पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। भारतीय जनता पार्टी जन्मजात महिला विरोधी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कोई भी सरसंघ चालक महिला नहीं बन पाई है। डबल इंजन की सरकार महिलाओं के नाम पर डबल फेलुअर की सरकार साबित हुई है। भाजपा से कहना चाहता हूं कि राजनैतिक टकराहट हो सकती है लेकिन महिलाओं के प्रति ऐसा लांछन न लगाये। उन्होंने कहा कि हमारे सम्मानीय नेता कमलनाथ जी पहले ही कह चुके हैं कि भाजपा की यह आंतरिक कलह भारतीय जनता पार्टी की हार है। रागिनी नायक ने शिवराज सिंह पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामा वो होता है जो माँ से ज्यादा बच्चों को लाड़ दे सके, लेकिन एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं की सबसे ज्यादा बलात्कार और महिलाओं के प्रति अपराध मध्य प्रदेश में हो रहे हैं। वहीं भाजपा काम की नहीं नाम की राजनीति करती है और नतीजों पर नहीं नजारों पर विश्वास करती है। प्रधानमंत्री भोपाल में भाषण दे रहे थे, लेकिन एक बार भी मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया, 18 साल से मुख्यमंत्री है उन्होंने प्रदेश में 250 से अधिक घोटाले कर प्रदेश की जनता को ठगने का काम किया है। शिवराजसिंह चौहान से उनकी पार्टी के ही लोग बच क्यों रहे है। इतनी फजीहज एक मुख्यमंत्री की हो रही है तो जनता उन पर विश्वास क्यों करेगी? उज्जैन में हुए दुष्कर्म की घटना को दुखद बताते हुये रागिनी नायक ने कहा कि जितना खून उस लड़की का बहा है, उससे पता चलता है कि भारत मां की आंखों से भी उतने ही आंसू बहे होंगे। जब आधी अबादी को न्याय मिलता है, जब आधी आबादी को निर्णय लेने की क्षमता मिलती है और पैरों पर खड़ी होती है, तभी देश को सच्ची आजादी मिलती है। लेकिन भाजपा के लोगों की खाल बहुत मोटी है। आप सवाल करते रहिए जवाब मांगते रहिए लेकिन वह चुप्पी सादे रहते हैं। उज्जैन की घटना से जितना दुख महिलाओं को हुआ उतना ही प्रदेश के पुरुषों को भी हुआ है और अब इनके खिलाफ जनता का रोष और ज्यादा बढ़ गया है। रागिनी नायक ने कहा कि जो सांसद और जो केंद्रीय मंत्री चुनाव लड़ेगे, उनके मंत्रालय का क्या होगा? जब चुनाव लड़ने आएंगे केंद्रीय कृषि मंत्री तो उनसे काले कानून पर भी सवाल किया जाएगा, क्यों आपके कारण 700 किसानों को शहीद होना पड़ा? कृषि व्यवस्था पर सवाल किया जायेगा, किसानों की दुर्दशा पर सवाल किया जायेगा? उन्होंने कहा कि हार को देखकर भारतीय जनता पार्टी में जो पापा-धापी और अफरा-तफरी है वह टिकट प्रणाली के वितरण से पता चलती है। उन्होंने कहा कि भाजपा में अभी तक तीन गुट थे। महाराज गुट, शिवराज गुट, और एक नाराज गुट लेकिन अब एक गुट और आ गया है लाइलाज गुट। जो चुनाव के पहले ही हार मान चुके हैं। जनआक्रोश यात्रा की सफलता और जन आशीर्वाद यात्रा की असफलता यह बताती है कि जनता में कितना आक्रोश है। भाजपा 100 प्रतिशत चुनाव हार रही है और अब वो केवल एक डूबती हुई नैया है जिसमें पहले से ही बहुत से छेद थे। भारतीय जनता पार्टी धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है, और कांग्रेस पार्टी दिन पर दिन मजबूत होती जा रही है इसलिए 150 से अधिक सीट के साथ कांग्रेस की सरकार बनना तय है।



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