सीमांकन के लिए 13 माह से भटक रहे हैं आदिवासी किसान | New India Times

राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सीमांकन के लिए 13 माह से भटक रहे हैं आदिवासी किसान | New India Times

देवरी क्षेत्र के किसान अपनी पैतृक जमीन का सीमांकन करवाने के लिए 13 माह से राजस्व विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। गांव के कुछ के करीबियों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। पटवारी और आरआई से बार-बार निवेदन आग्रह करने के बाद भी किसानों की जमीन का 13 माह बीत जाने के बाद भी सीमांकन नहीं हुआ है। कुछ दबंगों के प्रभाव में आकर राजस्व अधिकारी सीमांकन नहीं कर रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत भी की गई परन्तु राजस्व अधिकारियों के कानों पर जूं तक नही रेंग रहा है। आरआई, पटवारी महोदय सीएम हेल्पलाइन 181 पर अपनी मनमर्जी से तहसील कार्यालय में बैठकर जबाब दे देते हैं। पीड़ित किसान मंसूरवावरी के बताए जा रहे हैं, तो कुछ क्षेत्रीय बताए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत मंसूरवावरी के रहने वाले तुलसीराम गौंड़, श्रीमति नत्थी बाई गौंड़ किसान हैं। शिकायत में किसान तुलसीराम गौंड़ ने बताया कि मंसूरवावरी में उनकी जमीन है। जिसका पटवारी हल्का नंबर 21, खसरा नम्बर 1/2 और रकवा 0.80 हेक्टेयर है।

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जिसका आवेदन पिछले वर्ष किया था और 2 मई 2022 को सीमांकन करने के लिए न्यायालय तहसीलदार तहसील देवरी, जिला सागर के द्वारा आदेश दिया गया था। वहीं श्रीमति नत्थी बाई गौंड़ ने बताया कि गांव में उनकी स्वामित्व व अधिपत्य की जमीन जिसका पटवारी हल्का नम्बर 21, खसरा नंबर रकबा 7/4 एवं रकवा 1.240 हेक्टेयर है। उस जमीन पर गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है। श्रीमति नत्थी बाई गौंड़ ने भी आवेदन पिछले साल किया था परंतु 13 माह बीत जाने के बाद भी आरआई और पटवारी ने सीमांकन आज दिनाँक तक नहीं किया। पटवारी राकेश साहू से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया है। यही हाल आरआई हरिओम राजपूत का फोन बंद रहता है। वहीं ग्राम पंचायत डोंगर सलैया निवासी वृद्ध किसान देवीप्रसाद पिता बालाप्रसाद गौंड़ ने मई 2023 में आवेदन किया था जिसका पटवारी हल्का नंबर 36, खसरा नंबर 149, 150, 151 और रकवा 0.75, 1.33 उक्त किसान का सीमांकन का आदेश जारी हो चुका है, पटवारी महोदय का कहना है, सीमांकन बंद हो चुके है। बेचारे गरीब आदिवासी किसान तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इनकी सुनने वाले शायद अब कोई नहीं है। जहां एक ओर सरकार किसान जनहितेषी बन रही है तो वहीं दूसरी ओर शासन के नुमाइंदे किसान जन हितेषी योजनाएं फेल करने में लगे हुए हैं। किसानों का प्रतिनिधि मंडल व जिला पंचायत सदस्यों के साथ बहुत जल्दी सागर के कलेक्टर महोदय से मुलाक़ात कर शिकायत करेंगे। साथ ही कहा कि यहां न्याय नहीं मिलने पर सीएम शिवराजजी से शिकायत करेंगे। वहां भी सुनवाही नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।

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