इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

दमोह जिले के पटेरा निवासी 60 वार्षिय कीरत राठौर जो यूरिन ब्लेडर में स्टोन पथरी होने से वर्षों से परेशान था लेकिन ग़रीबी के चलते बड़े अस्पताल में इलाज करवाना सम्भव नहीं था, आखिरकार यहाँ वहाँ, बाबाओं, ओझाओं के चक्कर काटता देशी दवाएँ लेकर घूमता रहा वक़्त गुजरता गया लेकिन पेशाब की थैली में जमा पत्थर के टुकड़े सालों बीत जाने के बाद अब एक बड़ा रूप ले चुके थे और कीरत की परेशानी नासूर बनती गई। हजारों जगह इलाज कराते वर्षों गुजर गए जब पेट का दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ तो किसी ने सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रणीय रहने वाली संस्था आधारशिला संस्थान द्वारा संचालित मिशन अस्पताल दमोह में ऑपरेशन कराया जहाँ पर पेशाब की थैली से 250 ग्राम की पथरी को ऑपरेशन करते हुये निकाला गया।

विगत 25-30 वर्षों से लगातार पेट दर्द होने पर उसके द्वारा बाबाओं व देशी दवाई के चलते राहत नहीं मिल पा रही थी। ग़रीब मज़लूम कीरत राठौर की परेशानी और स्तिथि देखकर मिशन अस्पताल प्रबंधन ने उसे कम से कम ख़र्च में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई और उसका सफल ऑपरेशन वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ ए के तिवारी ने सफल ऑपरेशन किया। डॉ ए के तिवारी ने बताया कि देशी दवाओं की आड़ में झोलाछाप डॉक्टरों से बचे साथ ही ओझाओं की झाड़ फूंक से इससे जान को भी खतरा बना रहता है । सफल सर्जरी होने के बाद मरीज के परिजनों ने आधारशिला संस्थान के मुखिया समाज सेवी डॉ अजय लाल और मिशन अस्पताल ओटी स्टाप के प्रति आभार व्यक्त किया गया। गौरतलब है कि समाज सेवी डॉ लाल का भी यही प्रयास है कि जो सुविधाएं बड़े शहरों में है वो सुविधाएं अब दमोह के लोगों के लिए दमोह में ही उपलब्ध हों इसी बात को ध्यान में रखते हुए दमोह के मिशन अस्पताल के नवीन भवन में इलाज के लिए विवस्थाओँ का लगातार विस्तार हो रहा है। जिससे अब दमोह के मरीजों को अन्य महा नगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा साथ ही अन्य अस्पतालों से बेहतर कम खर्च में अच्छे से अच्छे डॉक्टरों की टीम भी मौजूद है।
