अबरार अहमद खान/रहीम शेरानी, भोपाल (मप्र), NIT:

केंद्र सरकार के कृषि बिल के खिलाफ और किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया जिसमें कांग्रेसियों के राजभवन की तरफ बढ़ रहे पैदल मार्च को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन को खासी मशक्कत करना पड़ी।
आज दोपहर लगभग 12 बजे भोपाल के जवाहर चौक से शुरू हुए पैदल-मार्च को पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे से पहले ही रोक लिया।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में हज़ारों की संख्या में आए कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता की पुलिस से बहस और झड़प हो गई। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के लगाए बेरिकेट्स सड़क से हटा दिए थे इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए वाटर-कैनन का इस्तेमाल किया साथ ही आँसू-गैस के गोले भी छोड़े और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया।
पुलिस प्रशासन की कमान स्वयं भोपाल डीआईजी इरशाद वली संभाले हुए थे। राजभवन के आसपास के क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था और राजभवन के रास्तों को बेरिकेट्स लगाकर बंद कर दिया था।
इस दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और उनके पुत्र और विधायक जयवर्द्धने सिंह के साथ 20 से ज़्यादा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

पुलिस की सख्ती के बावजूद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लगातार राजभवन की तरफ बढ़ रहे थे वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार तानाशाही कर रही है, शांतिपूर्ण कांग्रेस के पैदल-मार्च पर सरकार के कहने पर पुलिस ने बर्बर तरीके से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर आँसू गैस के गोले छोड़े और उन पर वाटर-कैनन के दवारा पानी डाला गया और लाठीचार्ज भी किया जिससे हमारे कई कार्यकर्ता घायल हो गए हैं लेकिन शिवराज सरकार सुन लो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का ये खून बहना ज़ाया नहीं जाएगा। कांग्रेस के इस बड़े प्रदर्शन में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, सुरेश पचौरी, विधायक आरिफ मसूद, पीसी शर्मा, जयवर्द्धने सिंह, महेंद्र सिंह चौहान जैसे बड़े नेताओं के साथ ही कांग्रेस के हज़ारों कार्यकर्ता और नेता किसानों के लिए किए गए प्रदर्शन में शामिल हुए।
