रायपुरा गांव के बीचो-बीच फिर से गेस पाईप लाईन जबरन ले जाने से ग्रामीणों में आक्रोश | New India Times

अंकित तिवारी, रामगढ़ (झारखंड), NIT:

रायपुरा गांव के बीचो-बीच फिर से गेस पाईप लाईन जबरन ले जाने से ग्रामीणों में आक्रोश | New India Times

गेल द्वारा रायपुरा गांव के बीचो-बीच फिर से गेस पाईप लाईन जबरन ले जाने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्राम रायपुरा के ग्रामीणों का कहना है कि जब हम लोगों ने उपायुक्त महोदय रामगढ, अपर समाहर्ता रामगढ़, अनुमंडल पदाधिकारी रामगढ़ ,भूमि सुधार उप समाहर्ता रामगढ़, जिला पुलिस अधीक्षक रामगढ़, अंचल अधिकारी गोला, थाना गोला प्रभारी एवं गेस पाइप लाइन कंपनी को भी आवेदन देकर ग्रामीणों ने अवगत करवाया गया है।जिसमें गेस पाईप लाईन (गेल कम्पनी) ने रायपुरा गाँव के बीचो-बीच जबरन ले जाने भरपूर कोशिश की जा रही है जिसमें कंपनियों द्वारा ग्रामीणों को डराया धमकाया भी जा रहा है । ग्रामीण पूरी तरह से आक्रोश में दिखाई देने लगे हैं लेकिन कंपनी द्वारा दोबारा ग्रामीणों के बीच भी धमकी देकर फिर से कार्य को चालू किया। लेकिन ग्रामीणों ने कार्य को रोक दिया । ग्रामीणों ने कहा है कि ग्राम रायपुरा में पूर्व से ही पूरब की ओर से रेलवे लाइन बिछी हुई है तथा पश्चिम की ओर से नदी है और दक्षिण की ओर से दो हाई वोल्टेज टावर बिछी हुई है उत्तर की ओर से भी चार हाई वोल्टेज का टावर बिछी हुई है एवं आगे की ओर से नदी भी गुजरी हुई है, जिसमें आए दिन पहले से ही इसके वजह से दुर्घटना होती रहती है रेलवे लाइन, नदी एवं हाई वोल्टेज टावर की वजह से कितने व्यक्तियों एवं जानवरों की जान जा चुकी है। उदाहरण के तौर पर रेलवे में तो कहीं नहीं जा सकता जिसमें रेलवे में कानून अलग तरीके से है। अगर रेलवे में दुर्घटना होते हुए मौत हो जाती है तो आम आदमी को रेलवे केस भी कर दे जाती है और लाश भी नहीं देता है और हाई वोल्टेज टावर में पूर्व में एक पीपल का पेड़ जल गई है एवं एक भैंस की भी मौत हो चुकी है। इसी के वजह से ग्रामीणों में डर का माहौल बनी हुई है जबकि ग्राम रायपुरा में एक भी सरकारी नौकरी नहीं है यह गांव पूर्ण रूप से खेती पर निर्भर करती है और किसान जान-माल का जोखिम में लेकर खेती पर क्यों करें जिसमें केंद्रीय सरकार , राज्य सरकार एवं जिला एवं प्रखण्ड पदाधिकरीयों को ग्राम वासियों पर विशेष ध्यान देकर जांच कर इस गैस पाइपलाइन की वजह से किसानों को भी काफी नुकसान होने की संभावना है एवं ग्रामीणों को कहना है कि इस गैस पाइपलाइन को गांव से बाहर की ओर ले जाए तत्काल इस कार्य को रोका जाए और पूरी तरह से जांच पड़ताल करके गांव की बाहर की ओर से ले लिया जाए। ग्रामीण विरोध में बिनू कुमार महतो युवा टाइगर, सीता देवी, ममता देवी, सुंदरी देवी, एतोरिया देवी, सुनीता देवी, सुमित्रा देवी, मानो देवी, उषा देवी, सविता देवी, संगीता देवी, पुनीता देवी, पालको देवी, सुबासो देवी, चोलाराम महतो, राहुल कुमार, अक्षय कुमार, रोशन मुंडा, कारू मुंडा, त्रिवेणी मुंडा, रेखा देवी, शिव कुमार मुंडा, उमेश मुंडा, कैलाश मुंडा, बिरजू महतो, सतीश कुमार महतो, दिलीप महतो, रिझुनाथ महतो, संगीता देवी, सौकडों ग्रमीण शामिल है।

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