मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव नगर में बदहाल पेयजल व्यवस्था, अधूरे निर्माण कार्यों, कथित भ्रष्टाचार और अन्य जनसमस्याओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुन्नारदेव ने सोमवार को भाजपा-शासित नगर पालिका परिषद के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकालते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और राज्यपाल के नाम मुख्य नगरपालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जल संकट के विरोध में नगर पालिका परिसर में मटके फोड़े और चूड़ियां फेंककर विरोध जताया। इस दौरान “भ्रष्टाचार बंद करो”, “जनता को पानी दो” और “नगरपालिका होश में आओ” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोगों को महीने में केवल कुछ दिन ही पानी मिल रहा है, जबकि पूरे महीने का बिल वसूला जा रहा है। दूषित पानी की आपूर्ति से बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि पाइपलाइन विस्तार के नाम पर मुख्य सड़कों को खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। करोड़ों की लागत से बनी सड़कों को नुकसान पहुंचाया गया है और निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के उपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
इसके अलावा डीजल खर्च में अनियमितता, टैंकरों से पानी सप्लाई में गड़बड़ी और स्वीकृत पेयजल योजनाओं के अधूरे रहने के आरोप भी लगाए गए। मंडान डेम पेयजल योजना सहित कई योजनाएं वर्षों से लंबित बताई गईं, जिससे नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र प्रभावित हैं।
कांग्रेस ने नगर की सफाई व्यवस्था, नालियों की स्थिति, बढ़ते मच्छरों और संक्रामक बीमारियों पर भी सवाल उठाए। फॉगिंग की कमी और सार्वजनिक शौचालयों की बदहाल स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई गई।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस ने नगर पालिका को घेरा। आरोप है कि चर्च से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तक बने ओवरब्रिज की अधिकांश लाइटें बंद हैं और कई वार्डों में अंधेरा पसरा हुआ है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। आंदोलन के दौरान नगर पालिका परिसर कांग्रेस के नारों से गूंजता रहा।

