वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु का प्रतीक पावन वट सावित्री व्रत शनिवार को बरवर कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही सुहागिन महिलाओं और नवविवाहितों में व्रत एवं पूजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
कस्बे के ऐतिहासिक श्री देविस्थान मंदिर परिसर में तड़के से ही महिलाओं का जुटना शुरू हो गया था। सोलह श्रृंगार और पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने मंदिर परिसर में स्थित पवित्र वट (बरगद) वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दोपहर तक मंदिर परिसर में इतनी भीड़ उमड़ पड़ी कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची।
भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद महिलाओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। सुहागिनों ने समूह बनाकर वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा सुनी और इसके बाद वट वृक्ष पर जल, मौली (कलावा), रोली, सूत, फल-फूल अर्पित किए। महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए रक्षा सूत्र बांधा और अपने पति की लंबी आयु तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजन का यह क्रम सुबह से शुरू होकर दोपहर बाद तक लगातार चलता रहा। व्रत पूर्ण होने के बाद महिलाओं ने घर जाकर बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया तथा एक-दूसरे को प्रसाद वितरित कर व्रत का पारण किया।
